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उत्ताखंड के वन अफसरों के साथ संयुक्त गश्त कर वन-वन्यजीवों की सुरक्षा परखी
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पीलीभीत। वन और वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ जंगल में अवैध घुसपैठ रोकने के लिए पैदल गश्त पर जोर दिया जा रहा है। मंगलवार शाम टाइगर रिजर्व की महोफ और उत्तराखंड की सुरई रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वनकर्मियों ने संयुक्त रूप से पैदल गश्त की। इस दौरान वन और वन्यजीवों से संबंधित गतिविधियों पर विशेष नजर रखी गई।
टाइगर रिजर्व के जंगल सीमा इंडो नेपाल बॉर्डर से जुड़ी हुई है। खुली सीमा होने के चलते अवैध घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के जंगल की भी सीमा है। ऐसे में तस्करों या अन्य घुसपैठिए नेपाल की ओर से टाइगर रिजर्व के रास्ते उत्तराखंड जाने की फिराक लगाए रहते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए टाइगर रिजर्व के अफसर बॉर्डर के अलावा उत्तराखंड की सीमा क्षेत्र में विशेष नजर रखते हैं। इसके लिए समय-समय पर गश्त भी की जाती है। मंगलवार शाम महोफ रेंज के रेंजर गिरीराज सिंह व उत्तराखंड के सुरई रेंज के रेंजर राम कृष्ण के नेतृत्व में वनकर्मियों ने दोनों सीमा क्षेत्र के जंगल में पैदल गश्त कर वन्यजीवों की गतिविधियों की हकीकत को परखा। इस दौरान डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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टाइगर रिजर्व के जंगल सीमा इंडो नेपाल बॉर्डर से जुड़ी हुई है। खुली सीमा होने के चलते अवैध घुसपैठ की आशंका बनी रहती है। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड के जंगल की भी सीमा है। ऐसे में तस्करों या अन्य घुसपैठिए नेपाल की ओर से टाइगर रिजर्व के रास्ते उत्तराखंड जाने की फिराक लगाए रहते हैं। इसको ध्यान में रखते हुए टाइगर रिजर्व के अफसर बॉर्डर के अलावा उत्तराखंड की सीमा क्षेत्र में विशेष नजर रखते हैं। इसके लिए समय-समय पर गश्त भी की जाती है। मंगलवार शाम महोफ रेंज के रेंजर गिरीराज सिंह व उत्तराखंड के सुरई रेंज के रेंजर राम कृष्ण के नेतृत्व में वनकर्मियों ने दोनों सीमा क्षेत्र के जंगल में पैदल गश्त कर वन्यजीवों की गतिविधियों की हकीकत को परखा। इस दौरान डिप्टी रेंजर गिरीश कुमार समेत अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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