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शारदा सागर डैम: जलस्तर घटना भी अब चिंता की बात

Mon, 16 Sep 2019 01:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 16 Sep 2019 01:32 AM IST
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माधोटांडा (पीलीभीत)। जहां एक ओर प्रदेश सरकार किसानों को सहुलियत देेने के लिए तमाम प्रयास कर रही है, वहीं प्रदेश के दस से अधिक जनपदों को सिंचाई के लिए पानी देने वाले शारदा सागर डैम की हालत बदतर हो गई है। अफसरों की लापरवाही के चलते डैम का वॉटर लेवल कम हो गया है। जहां पिछले वर्षों में वॉटर लेवल 624 फुट था वहीं इस बार घटकर 606.20 फुट रह गया है।
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डैम का भीतरी भाग लगातार सिल्ट से पटता जा रहा है। साथ ही अधिकतर स्थानों पर इन दिनों सूखा पड़ा हुआ है। मात्र एक छोटी सी नहर के माध्यम से पानी डैम से निकलने वाली हरदोई ब्रांच नहर तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो आने वाले समय में नहरों में सिंचाई के लिए पानी की किल्लत पड़ने पर शारदा सागर डैम से पानी मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।
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नहरों के माध्यम से हो रही सिंचाई की भरपाई
उत्तराखंड के बनबसा से शारदा मुख्य नहर के माध्यम से बाइफरकेशन स्थित सिंचाई परियोजना के मुख्यालय पर पानी आ रहा है। यहां से हरदोई ब्रांच व खीरी ब्रांच नहर के माध्यम से प्रदेश की हजारों एकड़ भूमि को सिंचाई के लिए पानी दिया जा रहा है। वहीं पूर्व में इन दिनों शारदा डैम में पानी का लेवल लगभग 617 फुट आंका जाता था। प्रदेश में सूखा पड़ने की स्थिति में या पहाड़ों से नहरों में कम पानी आने पर शारदा डैम में भंडार किए गए पानी से ही प्रदेश की लाखों एकड़ कृषि फसलों की सिंचाई की जाती थी, लेकिन वर्तमान में मात्र नहरों से ही भरपाई की जा रही है।
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लाखों रुपये खर्च कर बनाया बैराज, डैम में पानी की किल्लत
शारदा डैम के भंडार पानी के फालतू बहाव रोकने व आसानी से नहरों में पानी देने के लिए पिछले दिनों सिंचाई विभाग के अफसरों ने लाखों रुपये खर्च कर सब्सिडरी हरदोई ब्रांच के जर्जर फाटकों को बदलवा दिया था, लेकिन डैम की बदतर स्थिति पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं किया जा रहा है। हालांकि अभियंता कहते हैं कि नहरों में पानी की डिमांड के मुताबिक पानी की सप्लाई दी जा रही है। जिसके चलते डैम में पानी नहीं भरा जा रहा है। मामला जो भी हो अभियंताओं ने रोस्टर को दरकिनार कर दिया है।

तो सुधर जाएगी शारदा डैम की जर्जर हालत
प्रदेश के ऐसे बांध जो पुराने हो चुके हैं। सरकार ऐसे बांधों की दशा सुधारने के लिए प्रयास शुरू कर रही है। इसके लिए रुहेलखंड मंडल के पीलीभीत जनपद का शारदा सागर डैम भी शामिल है। जिस की दशा सुधारने के लिए विशेषज्ञों की टीम गठित की गई है। जो शारदा डैम की वास्तविक स्थिति का रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेगी। हालांकि यह मामला लंबे समय का है। क्योंकि प्रथम चरण में पूर्वांचल व दूसरे चरण में रुहेलखंड मंडल के बांध इसमें शामिल किए गए है।


इस समय सिंचाई के लिए नहरों में लगातार पानी दिया जा रहा है, इसकी वजह से फालतू पानी नहीं है। जिसके चलते डैम में पानी नहीं भरा जा रहा है।
- रोहित कुमार, प्रभारी अभियंता, बाइफकेशन

बोले किसान: कैसे मिलेगा फसलों को पानी
शारदा सागर डैम को किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए बनाया गया था। इस समय उसको खाली रखना डैम के अभियंताओं की बड़ी लापरवाही है। यदि सूखा पड़ गया होता तो क्या स्थिति होती।
- मंजीत सिंह
 
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