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बच्चे बनेंगे सेहतमंद, मोबाइल एप से मिलेगी चिकित्सकीय सलाह
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पीलीभीत। दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती को कुपोषण से बचाने के लिए लागू की गई शबरी पोषण योजना को पोषण एप के जरिए कारगर बनाया जाएगा। यह एप गर्भवती महिलाओं के साथ दो वर्ष तक के बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए उपयोगी है। एप आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की लोकेशन भी देगा कि वह क्षेत्र में गईं या नहीं। अगर गई तो किसके घर गईं आदि जानकारी एप से मिल जाएगी।
वैसे तो शबरी योजना के तहत पोषण एप एक साल पूर्व लांच किया गया था, लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के मोबाइल में एप डाउनलोड नहीं की जा सकी। जबकि प्ले स्टोर के माध्यम से इस एप को डाउनलोड करने के बाद समय-समय पर गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष तक के बच्चे को सही आहार के निर्देश मिलते हैं, ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहू आसानी से सही जानकारी दे सकें। डीपीओ अरविंद कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन को डालते ही यह एप बता देगा कि खून की कमी है या नहीं। अगर खून की कमी है महिला के अंदर तो एप खान पान संबंधी चीजों की सलाह देगा। इसके साथ ही दो वर्ष तक के बच्चे को क्या बीमारी है। क्या पोषण आहार देना चाहिए इसके साथ ही दवा आदि के बारे में भी बताएगा। जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा बहू बच्चे के तीमारदारों को बता सकें कि इसको कुपोषण के लिए क्या आहार में दे और क्या दवा खिलाएं।
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वैसे तो शबरी योजना के तहत पोषण एप एक साल पूर्व लांच किया गया था, लेकिन प्रचार प्रसार के अभाव में आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं के मोबाइल में एप डाउनलोड नहीं की जा सकी। जबकि प्ले स्टोर के माध्यम से इस एप को डाउनलोड करने के बाद समय-समय पर गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष तक के बच्चे को सही आहार के निर्देश मिलते हैं, ताकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा बहू आसानी से सही जानकारी दे सकें। डीपीओ अरविंद कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन को डालते ही यह एप बता देगा कि खून की कमी है या नहीं। अगर खून की कमी है महिला के अंदर तो एप खान पान संबंधी चीजों की सलाह देगा। इसके साथ ही दो वर्ष तक के बच्चे को क्या बीमारी है। क्या पोषण आहार देना चाहिए इसके साथ ही दवा आदि के बारे में भी बताएगा। जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा बहू बच्चे के तीमारदारों को बता सकें कि इसको कुपोषण के लिए क्या आहार में दे और क्या दवा खिलाएं।
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