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‘गिद्ध प्रकृति के सफाई कर्मचारी’
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पीलीभीत। समाधान विकास समिति विपनेट क्लब गोल्ड के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय गिद्ध दिवस की पूर्व संध्या पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस दौरान गोष्ठी, प्रश्नोत्तरी व पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
शहर के शमसुल हसन खां पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में बताया गया कि गिद्ध प्रकृति का सफाई कर्मचारी है। यह अपनी दूर दृष्टि, ऊंची उड़ान के लिए जाना जाता है। यह मृत जानवरों को अपना आहार बनाते हैं। रामायण में जटायु और सम्पाती गिद्ध का भगवान श्री राम की सहायता करने का वृतांत है। हमारी अनजाने में मानवीय भूल और जानकारी होने पर उसमें सुधार न होने के कारण यह विलुप्त प्राय: श्रेणी में आ चुके हैं। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि आज यह स्थिति है कि गिद्ध का मोबाइल फोन से चित्र दिखाना पड़ रहा है। इसके संरक्षण को लेकर आगे आना होगा। इस दौरान हुई पोस्टर और प्रश्नोत्तरी में फरीद के श्रेष्ठता दिखाने पर उन्हें सम्मानित किया गया। जर्सी, नाजिया, समीर और हिना का खासा योगदान रहा।
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शहर के शमसुल हसन खां पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में बताया गया कि गिद्ध प्रकृति का सफाई कर्मचारी है। यह अपनी दूर दृष्टि, ऊंची उड़ान के लिए जाना जाता है। यह मृत जानवरों को अपना आहार बनाते हैं। रामायण में जटायु और सम्पाती गिद्ध का भगवान श्री राम की सहायता करने का वृतांत है। हमारी अनजाने में मानवीय भूल और जानकारी होने पर उसमें सुधार न होने के कारण यह विलुप्त प्राय: श्रेणी में आ चुके हैं। समन्वयक लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि आज यह स्थिति है कि गिद्ध का मोबाइल फोन से चित्र दिखाना पड़ रहा है। इसके संरक्षण को लेकर आगे आना होगा। इस दौरान हुई पोस्टर और प्रश्नोत्तरी में फरीद के श्रेष्ठता दिखाने पर उन्हें सम्मानित किया गया। जर्सी, नाजिया, समीर और हिना का खासा योगदान रहा।
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