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उफनाई शारदा मचाने लगी तबाही, गभिया सहराई के घरों में घुसा पानी

Wed, 07 Aug 2019 01:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 07 Aug 2019 01:29 AM IST
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Civic Amenities
गभिया सहराई/ पीलीभीत। पहाड़ों पर तेज बारिश होने से सोमवार रात से शारदा नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र के गभिया सहराई गांव में करीब आधा दर्जन घरों में पानी घुस गया है। इसके अलावा अन्य कई गांवों की सीमा में बाढ़ नियंत्रण के लिए कराए गए निर्माण कार्य भी ध्वस्त हो गए हैं। राजस्व, पुलिस और बाढ़ खंड विभाग के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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शारदा नदी नेपाल की ओर से पीलीभीत जनपद की सीमा में प्रवेश करती है। जिले में नौजल्हा से लेकर धुरिया पलिया तक नदी की चौड़ाई काफी अधिक है। नदी में जब करीब डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक वाटर डिस्चार्ज होता है, तब बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है और नदी तबाही मचाती है। हालांकि अभी नदी में वाटर डिस्चार्ज 86 हजार क्यूसेक प्रति घंटा है। इधर, मंगलवार को जलस्तर बढ़ते ही सुबह से अफसर मौके पर पहुंच गए हैं। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता ध्रुव नारायण शुक्ला ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है। कुछ अस्थाई कार्य क्षतिग्रस्त हुए हैं। हालांकि अभी कोई बड़ा खतरा नहीं है। नदी की हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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सात गांव कटान की जद में, किसानों की बढ़ीं धड़कनें
माधोटांडा/ पीलीभीत। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। अफसरों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। तराई क्षेत्र के नलडेंगा, नगरिया खुर्द, रमनगरा समेत कई गांवों की सीमा में नदी की तेज धार अस्थायी बाढ़ नियंत्रण के कार्यों को क्षतिग्रस्त कर रही है। ऐसे में बीते सालों में हुई तबाही के मंजर को याद करके ग्रामीण काफी घबराए हुए है। मंगलवार दोपहर बाद कलीनगर तहसीलदार आनंद प्रकाश राय ने रमनगरा क्षेत्र में जाकर शारदा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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बारिश के चलते सोमवार को अचानक नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया। करीब एक लाख 13 हजार पानी छोड़े जाने की सूचना मिलते ही अफसर चौकन्ने हो गए। नदी का जलस्तर बढ़ने से नगरिया खुर्द कला में ठोकर संख्या 9ए, 9बी को बचाने के लिए कराए गए अस्थाई बाढ़ नियंत्रण कार्य को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। नलडेंगा, रमनगरा, रमनगरा बुझिया व उसके आगे के गांवों भी नदी की जद में है। इधर सोमवार रात जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही एसडीएम कलीनगर के आदेश पर राजस्व कानूनगो दीनदयाल टीम के साथ रमगरा क्षेत्र पहुंच गए। रमनगरा पुलिस के साथ नदी के किनारे बसी आबादी का भ्रमण कर स्थिति को परखते रहे।

रमनगरा बुझिया में खतरा अधिक
पूर्व से ही नदी की तबाही से प्रभावित रमनगरा बुझिया गांव इस बार भी खतरे की जद में है। सोमवार रात जलस्तर बढ़ते ही नदी ने इस क्षेत्र में कराए गए अस्थायी कार्यों के काफी भाग को अपने गर्भ में समेट लिया है। नदी की धार को रोकने के लिए लगाए गए परको पाइन के अंदर का भाग भी नदी में बह गया है। जलस्तर घटने के बाद वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।

नाव का संचालन हुआ बंद
नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी की धार तेज हो गई है। इससे नदी में नाव का संचालन बंद कर दिया गया है। नदी पार जाने आने वाले लोग काफी परेशान हैं।

शारदा में गरजा पानी, दहशत में आए लोग
गभिया सहराई (पीलीभीत)। शारदा नदी का जलस्तर बढ़ते ही गांव के आधा दर्जन घरों में पानी घुसने से जहां ग्रामीणों में दहशत है, वहीं आक्रोश भी पनप रहा है। उन्हें डर है कि कहीं पानी की तेज धार बांध को क्षतिग्रस्त न कर दे। ग्रामीणों ने नदी की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए पुख्ता इंतजाम करने की अफसरों से मांग की है।

शारदा नदी हर साल गभिया सहराई में कटान करती है। कृषि फसलों और बाढ़ नियंत्रण कार्यों को खासा नुकसान पहुंचाती है। बावजूद इसके विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में इस बार कटान हुआ तो बांध के कटने का खतरा बढ़ जाएगा। - मंटू मजूमदार, गभिया सहराई

कटान रोकने को नदी के किनारे बचाव कार्य के नाम पर खेल किया जाता है। नदी पूर्व से ही कटान करती रही है। और इस बार भी स्थिति खराब होने लगी है। नदी का पानी घरों में घुस रहा है। ऐसे में क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए विभाग को कोई कदम उठाने चाहिए। - चंद्रकांत बरोई, गभिया सहराई


शारदा नदी में सोमवार रात करीब एक लाख 15 हजार पानी डिस्चार्ज हुआ था। मंगलवार दोपहर बाद तक करीब 35 हजार पानी कम हुआ है। नदी के किनारे कहीं भी कटान की सूचना नहीं है। विभागीय अफसर बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
- शैलेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड
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