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मंडी सचिव की सिफारिश को पुलिस ने नकारा, नहीं हटेंगे दोनों कर्मियों के नाम
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बीसलपुर (पीलीभीत)। अनाज घोटाले में सचिव की जांच रिपोर्ट में दो कर्मचारी भले ही निर्दोष बताए गए हो, मगर सचिव की ओर से एफआईआर से नाम हटाने की सिफारिश को पुलिस ने नकार दिया है। इन दोनों कर्मचारियों के नाम नहीं हटाए जाएंगे।
एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने अक्तूबर 2018 में मंडी के एक गोदाम में छापा मारा था। यहां से माफिया का अनाज बरामद किया था। अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामला दबा दिया गया था। एसपी जयप्रकाश के संज्ञान लेने पर विवेचना को गति दी गई। बीते दिनों घोटाले के वक्त तैनात पांच कर्मचारियों के नाम जुटाकर आरोपी के तौर पर शामिल किए गए थे। तत्कालीन मंडी सचिव का नाम पुलिस को नहीं दिया गया था। इस मामले में विभागीय जांच मंडी सचिव प्रभात यादव कर रहे थे। उन्होंने नामजद किए गए दो कर्मचारियों को निर्दोष पाते हुए क्लीन चिट दे दी थी। यह सिफारिश की गई थी कि उनके नाम पर विवेचना से भी हटा दिए जाएं। मगर पुलिस ने इस सिफारिश को नकार दिया है। विवेचक इंस्पेक्टर (क्राइम) पूरनचंद्र ने बताया कि पुलिस इस मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से कर रही है। पुलिस की विवेचना में मंडी सचिव की जांच का कोई महत्व नहीं है।
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एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने अक्तूबर 2018 में मंडी के एक गोदाम में छापा मारा था। यहां से माफिया का अनाज बरामद किया था। अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामला दबा दिया गया था। एसपी जयप्रकाश के संज्ञान लेने पर विवेचना को गति दी गई। बीते दिनों घोटाले के वक्त तैनात पांच कर्मचारियों के नाम जुटाकर आरोपी के तौर पर शामिल किए गए थे। तत्कालीन मंडी सचिव का नाम पुलिस को नहीं दिया गया था। इस मामले में विभागीय जांच मंडी सचिव प्रभात यादव कर रहे थे। उन्होंने नामजद किए गए दो कर्मचारियों को निर्दोष पाते हुए क्लीन चिट दे दी थी। यह सिफारिश की गई थी कि उनके नाम पर विवेचना से भी हटा दिए जाएं। मगर पुलिस ने इस सिफारिश को नकार दिया है। विवेचक इंस्पेक्टर (क्राइम) पूरनचंद्र ने बताया कि पुलिस इस मामले की विवेचना निष्पक्ष तरीके से कर रही है। पुलिस की विवेचना में मंडी सचिव की जांच का कोई महत्व नहीं है।
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