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ठोकरों से तो रोक भर हुई, ..तटबंध बने बिना नहीं रुकेगी तबाही

Thu, 30 Jan 2020 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jan 2020 02:28 AM IST
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माधोटांडा। जनपद सीमा में प्रवेश करने के बाद शारदा नदी पिछले कई सालों से तबाही मचाती रही है। नोमैंस लैंड से सटे इलाके के अलावा रमनगरा क्षेत्र अधिक प्रभावित रहा है। हालांकि शारदा डैम को खतरा पैदा होता देख बाढ़ खंड ने सीमावर्ती क्षेत्र में एक जिओ ट्यूब का बांध और रमनगरा क्षेत्र में ठोकरें बनाकर क्षेत्र को सुरक्षित किया था, लेकिन रमनगरा बुझिया मे मार्जनल बांध न बनाने से यह इलाका शारदा नदी के निशाने पर है। क्षेत्रीय जनता ने इलाके में मार्जनल बांध बनाने की मांग की है।
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नेपाल में महाकाली कही जाने वाली शारदा नदी लंबी दूरी तय कर नोमैंस लैंड से सटे नौजल्हा गांव (नंबर दो) से जनपद सीमा में प्रवेश करती है। नदी के दाएं किनारे की ओर नौजल्हा गांव और बाएं किनारे की ओर लग्गा बग्गा क्षेत्र पड़ता है। जनपद सीमा क्षेत्र में नदी का अधिक घुमावदार होने के कारण नदी के बहाव की दिशा बदलती रहती है। कभी दाएं तो कभी बाएं किनारे की ओर नदी कटान करने लगती है। इसके चलते जनपद सीमा में नदी के कटान से कई गांव प्रभावित होते आ रहे हैं। इनमें रमनगरा, ढकिया ताल्लुके महाराजपुर, नगरिया खुर्दकलां, मढईया लालपुर गांव की ओर खतरा अधिक रहता है। हालांकि आबादी और शारदा डैम को सुरक्षित रखने को पूर्व बरसों में ठोकरें बनाई गई थीं। नदी का प्रवाह तेज होने के चलते कुछ ठोकरें भी क्षतिग्रस्त हो गईं।
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खतरा बढ़ा तो पिछले साल बनाई 11 ठोकरें
गत वर्ष शारदा नदी ने रमनगरा बुझिया गांव की ओर कटान किया था। यहां बाढ़ खंड ने पूर्व में बनी ठोकरों और आबादी क्षेत्र को सुरक्षित रखने को 11 ठोकरें बनवाई थीं। इसके अलावा रमनगरा बिजली घर क्षेत्र को भी सुरक्षित रखने को जिओ बैग के नौ स्टड और ऐप्रन का कार्य कराया गया था। इसके बाद ही कटान को रोका जा सका था।
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मार्जनल बांध बनने से टल सकता है खतरा
रामनगरा बुझिया क्षेत्र में शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड की ओर से ठोकरें और जिओ बैग के स्टड तो बनाए गए, लेकिन क्षेत्रीय जनता स्थायी समाधान के लिए मार्जनल बांध बनाने की मांग करती आ रही है। लोगों को कहना है कि हर साल की मुसीबत से बचने के लिए मार्जनल बांध बनना ही एक मात्र उपाय है।
नेपाल ने पहले ही सुरक्षित कर चुका है अपना इलाका
शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए नेपाल ने पहले ही तटबंध बनाकर नेपाली इलाके को पूरी तरह से सुरक्षित कर लिया। वहीं पूर्व बरसों में जनपद सीमा पर बाढ़ खंड द्वारा जिओ ट्यूब के बांध बनाने से भी खासी सफलता मिली थी। इस सबके चलते रमनगरा क्षेत्र की जनता ढकिया ताल्लुके महाराजपुर से लेकर रमनगरा बुझिया तक जिओ ट्यूब का बांध बनाने की मांग कर रही है।
बरसात के समय शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए विभाग बचाव कार्य तो कर रहा है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से जिओ ट्यूब का बांध बनाना जरूरी है। -प्रशांत साना, ग्राम प्रधान, रामनगरा
क्षेत्र में यदि जिओ ट्यूब का बांध नहीं बनाया गया तो नदी कभी भी दाहिने किनारे की ओर कटान कर आबादी और शारदा डैम को नुकसान पहुंचा सकती है। -दीपाली राय, ग्राम प्रधान, गभिया सहराई

पिछले दो वर्षों में शारदा नदी के कटान को भांपते हुए दाहिने किनारे की ओर बाढ़ नियंत्रण के लिए कार्य कराए गए हैं। इसका फायदा भी मिला है। अब मार्जनल बांध बनाने को प्रस्ताव मंजूर कराने का प्रयास किया जा रहा है। -शैलेश कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड।
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