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मुन्नीदेवी हत्याकांड के आरोपी को आजीवन कारावास, जुर्माना
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पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने थाना बिलसंडा क्षेत्र के ग्राम भैंनपुरा में चार साल पहले हुए मुन्नीदेवी हत्याकांड के आरोपी पूरनलाल को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गांव भैंनपुरा निवासी विष्णु दयाल ने दो दिसंबर 2015 को बिलसंडा थाने में एफआईआर कराई थी। इसमें बताया था कि उनके बेटे का साला गौतम तिवारी घर आ रहा था। इसकी सूचना पर शाम करीब चार बजे बेटा अंकित गौतम को लेने के लिए गांव के बाहर गया था। कुछ देर बाद उनकी पत्नी मुन्नी देवी भी चली गईं। इसके बाद प्रधान दयाराम ने उनके घर पर आकर बताया कि उसके घर के बाहर मुुन्नी देवी लहूलुहान पड़ी हैं। चीख सुनकर जब वह घर के बाहर आए तो महिला को घायल हालत में देखा। प्रधान से मिली सूचना पर जब पीड़ित विष्णु दयाल मौके पर पहुंचे तो मुन्नी देवी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया। महिला की लाठी डंडे से पीटकर हत्या की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने गांव के ही पूरनलाल को गिरफ्तार किया था। हत्या में इस्तेेमाल डंडा भी बरामद किया गया। पूरनलाल के खिलाफ विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की गई। पुराने विवाद में हत्या को कारण बताया गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने आरोपी को दोषी पाकर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
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गांव भैंनपुरा निवासी विष्णु दयाल ने दो दिसंबर 2015 को बिलसंडा थाने में एफआईआर कराई थी। इसमें बताया था कि उनके बेटे का साला गौतम तिवारी घर आ रहा था। इसकी सूचना पर शाम करीब चार बजे बेटा अंकित गौतम को लेने के लिए गांव के बाहर गया था। कुछ देर बाद उनकी पत्नी मुन्नी देवी भी चली गईं। इसके बाद प्रधान दयाराम ने उनके घर पर आकर बताया कि उसके घर के बाहर मुुन्नी देवी लहूलुहान पड़ी हैं। चीख सुनकर जब वह घर के बाहर आए तो महिला को घायल हालत में देखा। प्रधान से मिली सूचना पर जब पीड़ित विष्णु दयाल मौके पर पहुंचे तो मुन्नी देवी की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराया। महिला की लाठी डंडे से पीटकर हत्या की गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने गांव के ही पूरनलाल को गिरफ्तार किया था। हत्या में इस्तेेमाल डंडा भी बरामद किया गया। पूरनलाल के खिलाफ विवेचना कर चार्जशीट दाखिल की गई। पुराने विवाद में हत्या को कारण बताया गया। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अमरजीत वर्मा ने आरोपी को दोषी पाकर आजीवन कारावास और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।
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