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धोखाधड़ी और सांठगाठ से किसान की तीन एकड़ भूमि की करा ली विरासत
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पूरनपुर। धोखाधड़ी और सांठगांठ कर किसान की मौत के बाद उसकी तीन एकड़ कृषि भूमि की ग्राम प्रधान ने वरासत करा ली। एक व्यक्ति की शिकायत पर एसडीएम ने जांच की तो मामला पकड़ा गया। एसडीएम ने कहा कि वरासत खारिज करने के साथ संबंधित लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गांव खिरकिया बरगदिया निवासी रमेश आदि ने गलत ढंग से किसान की वरासत होने का आरोप लगाते हुए उच्च अफसरों से शिकायत की थी। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि शिकायत पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि गांव खिरकिया बरगदिया निवासी फिरंगी के कोई बारिश नहीं था। उसके नाम तीन एकड़ कृषि भूमि थी। फिरंगी की मौत के बाद ग्राम पंचायत खिरकिया बरगदिया के ग्राम प्रधान लल्लन ने फिरंगी को अपना पिता बताकर लेखपाल से सांठगांठ कर फिरंगी की तीन एकड़ भूमि की वरासत 18 सितंबर 2017 को करवा ली गई। उन्होंने बताया कि लल्लन के पिता का नाम सुखई है। वरासत दर्ज कराने के लिए वोटर लिस्ट में पिता का नाम बदलवाकर सुखई की जगह फिरंगी करवा लिया गया। इसका खुलासा पूर्व की वोटर सूचियों की जांच में सामने आया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में लेखपाल की मिलीभगत पाई गई। अब वरासत खारिज करने के साथ लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, ग्राम प्रधान लल्लन का कहना है कि उसके पिता का नाम सुखई उर्फ फिरंगी था। वरासत पिता की भूमि की करवाई गई। कुछ लोग झूठी शिकायत कर रहे हैं।
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गांव खिरकिया बरगदिया निवासी रमेश आदि ने गलत ढंग से किसान की वरासत होने का आरोप लगाते हुए उच्च अफसरों से शिकायत की थी। एसडीएम चंद्रभानु सिंह ने बताया कि शिकायत पर जांच की गई। जांच में पाया गया कि गांव खिरकिया बरगदिया निवासी फिरंगी के कोई बारिश नहीं था। उसके नाम तीन एकड़ कृषि भूमि थी। फिरंगी की मौत के बाद ग्राम पंचायत खिरकिया बरगदिया के ग्राम प्रधान लल्लन ने फिरंगी को अपना पिता बताकर लेखपाल से सांठगांठ कर फिरंगी की तीन एकड़ भूमि की वरासत 18 सितंबर 2017 को करवा ली गई। उन्होंने बताया कि लल्लन के पिता का नाम सुखई है। वरासत दर्ज कराने के लिए वोटर लिस्ट में पिता का नाम बदलवाकर सुखई की जगह फिरंगी करवा लिया गया। इसका खुलासा पूर्व की वोटर सूचियों की जांच में सामने आया। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में लेखपाल की मिलीभगत पाई गई। अब वरासत खारिज करने के साथ लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, ग्राम प्रधान लल्लन का कहना है कि उसके पिता का नाम सुखई उर्फ फिरंगी था। वरासत पिता की भूमि की करवाई गई। कुछ लोग झूठी शिकायत कर रहे हैं।
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