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पिपरिया जयभद्र गांव में प्रधान प्रत्याशियों में मारपीट, पथराव
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पूरनपुर। पिपरिया जयभद्र गांव में प्रधान पद के एक प्रत्याशी पर नामांकन वापसी का दबाव बनाए जाने के बाद विवाद हो गया। प्रधान पद के दो प्रत्याशी गाली गलौज के बाद भिड़ गए और मारपीट हो गई। पथराव भी किया गया। हंगामे की सूचना मिलने पर सीओ पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जानकारी जुटाई। इसके बाद सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक कर चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से लड़ने का पाठ पढ़ाया। झगड़ा करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
ग्राम पंचायत पिपरिया जयभद्र के समीप का गांव मोहम्मदपुर भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है। ब्राह्मण बाहुल्य इस ग्राम पंचायत में पिछड़ी जाति के भी कई परिवार रहते हैं। पिछली बार प्रधान पद अनारक्षित था। इस बार पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने पर कई प्रत्याशियों ने मैदान में कूदने का निर्णय लिया और सर्वाधिक 24 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन कराया। इसमें से तीन प्रत्याशी आपस में करीबी रिश्तेदार भी हैं। रविवार को नामांकन वापसी का दिन था। चुनावी जीत का गणित लगाकर शनिवार देरशाम तक ग्राम पंचायत में एक-दूसरे प्रत्याशी पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जाता रहा। ताकि रविवार को नामांकन वापस कराया जा सके। इसको लेकर दो प्रधान प्रत्याशी पक्षों में विवाद पर मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान पथराव भी हुआ। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। सूचना मिलने पर सीओ लल्लन सिंह, कोतवाल सुनील शर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर मौके पर झगड़ा करने वाले नहीं मिले। प्रत्याशी पूनम गिरि ने पुलिस को तहरीर देकर दूसरे प्रत्याशी पर नामांकन वापस न लेने पर झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिर पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने को सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक की। चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से लड़ने और विवाद पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि पथराव और मारपीट नहीं हुई थी। मौके पर पुलिस गई तो इसके कोई साक्ष्य नहीं मिले। एक प्रत्याशी को धमकाने की बात निकलकर आई थी। इसी को लेकर एक तहरीर मिली है, जिसकी जांच करा रहे हैं।
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ग्राम पंचायत पिपरिया जयभद्र के समीप का गांव मोहम्मदपुर भी ग्राम पंचायत क्षेत्र में आता है। ब्राह्मण बाहुल्य इस ग्राम पंचायत में पिछड़ी जाति के भी कई परिवार रहते हैं। पिछली बार प्रधान पद अनारक्षित था। इस बार पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित होने पर कई प्रत्याशियों ने मैदान में कूदने का निर्णय लिया और सर्वाधिक 24 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन कराया। इसमें से तीन प्रत्याशी आपस में करीबी रिश्तेदार भी हैं। रविवार को नामांकन वापसी का दिन था। चुनावी जीत का गणित लगाकर शनिवार देरशाम तक ग्राम पंचायत में एक-दूसरे प्रत्याशी पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जाता रहा। ताकि रविवार को नामांकन वापस कराया जा सके। इसको लेकर दो प्रधान प्रत्याशी पक्षों में विवाद पर मारपीट शुरू हो गई। मारपीट के दौरान पथराव भी हुआ। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ। सूचना मिलने पर सीओ लल्लन सिंह, कोतवाल सुनील शर्मा पुलिस बल के साथ गांव पहुंच गए। हालांकि पुलिस के पहुंचने पर मौके पर झगड़ा करने वाले नहीं मिले। प्रत्याशी पूनम गिरि ने पुलिस को तहरीर देकर दूसरे प्रत्याशी पर नामांकन वापस न लेने पर झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने जांच कराकर निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिर पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने को सभी प्रत्याशियों के साथ बैठक की। चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से लड़ने और विवाद पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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कोतवाल सुनील शर्मा ने बताया कि पथराव और मारपीट नहीं हुई थी। मौके पर पुलिस गई तो इसके कोई साक्ष्य नहीं मिले। एक प्रत्याशी को धमकाने की बात निकलकर आई थी। इसी को लेकर एक तहरीर मिली है, जिसकी जांच करा रहे हैं।
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