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किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र खत्म
बीसलपुर, पीलीभीत।
Updated Thu, 03 Mar 2016 11:14 PM IST
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दि किसान सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र बुधवार रात एक बजे समाप्त हो गया। मिल ने सत्र में 18.37 लाख क्विंटल गन्ना पेरा है।
दि किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ तीस नवंबर को हवन-पूजन के साथ किया गया था। हालांकि नियमित पेराई सत्र दो तीन दिन बाद गन्ना एकत्र होने पर हो सकी। मिल करीब एक सप्ताह से गन्ना की कमी से जूझ रही थी। कोई किसान गन्ना सप्लाई पर्ची न मिलने पर गन्ना सप्लाई से वंचित न रह जाए आदि को लेकर मिल प्रशासन ने पहले गन्ना क्रय केंद्र और बाद में चीनी मिल गेट पर गन्ना की तुलवाई फ्री की। इसके बाद भी तीन-चार दिनों से रोज चीनी मिल नोकेन में बंद हो रही थी। बुधवार को मिल पेराई सत्र बंद करने की तैयारी पूरी की गई। पूरे दिन गन्ना एकत्र कर बुधवार शाम को चीनी मिल को चलाया गया।
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक बीके अबरोल ने बताया कि बुधवार देर रात एकत्र गन्ना पिरने पर मिल के पेराई सत्र को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मिल ने पेराई सत्र में 18.37 लाख क्विंटल गन्ना पेरा। चीनी उत्पादन की सही जानकारी एक-दो दिन में ही पता चल सकेगी। हालांकि करीब 1.60 लाख बोरा चीनी बनने का अनुमान है।
कम क्षमता से चल रही मिल
बीसलपुर। असामान्य स्थितियों के चलते किसान सहकारी चीनी मिल पिछले करीब एक सप्ताह से पूरी क्षमता से नहीं चल रही है, जिससे मिल की पेराई क्षमता भी प्रभावित हो रही है और मिल को आर्थिक घाटा भी हो रहा है।
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किसान सहकारी चीनी मिल में पिछले करीब एक सप्ताह से ठीक से गन्ना न मिलने के कारण मिल में असामान्य स्थितियां बनी हुई हैं। मिल के मुख्य अभियंता योगेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मिल की दैनिक पेराई क्षमता 2750 क्विंटल की है, लेकिन असामान्य स्थितियों के चलते मिल एक सप्ताह से मात्र दो हजार क्विंटल गन्ना ही रोज पेर पा रही है। उन्होंने बताया कि तीन मार्च की क्लीनिंग के बाद मिल पुन: पूरी क्षमता से पेराई करने लगेगी।
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दि किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ तीस नवंबर को हवन-पूजन के साथ किया गया था। हालांकि नियमित पेराई सत्र दो तीन दिन बाद गन्ना एकत्र होने पर हो सकी। मिल करीब एक सप्ताह से गन्ना की कमी से जूझ रही थी। कोई किसान गन्ना सप्लाई पर्ची न मिलने पर गन्ना सप्लाई से वंचित न रह जाए आदि को लेकर मिल प्रशासन ने पहले गन्ना क्रय केंद्र और बाद में चीनी मिल गेट पर गन्ना की तुलवाई फ्री की। इसके बाद भी तीन-चार दिनों से रोज चीनी मिल नोकेन में बंद हो रही थी। बुधवार को मिल पेराई सत्र बंद करने की तैयारी पूरी की गई। पूरे दिन गन्ना एकत्र कर बुधवार शाम को चीनी मिल को चलाया गया।
चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक बीके अबरोल ने बताया कि बुधवार देर रात एकत्र गन्ना पिरने पर मिल के पेराई सत्र को समाप्त कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मिल ने पेराई सत्र में 18.37 लाख क्विंटल गन्ना पेरा। चीनी उत्पादन की सही जानकारी एक-दो दिन में ही पता चल सकेगी। हालांकि करीब 1.60 लाख बोरा चीनी बनने का अनुमान है।
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कम क्षमता से चल रही मिल
बीसलपुर। असामान्य स्थितियों के चलते किसान सहकारी चीनी मिल पिछले करीब एक सप्ताह से पूरी क्षमता से नहीं चल रही है, जिससे मिल की पेराई क्षमता भी प्रभावित हो रही है और मिल को आर्थिक घाटा भी हो रहा है।
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किसान सहकारी चीनी मिल में पिछले करीब एक सप्ताह से ठीक से गन्ना न मिलने के कारण मिल में असामान्य स्थितियां बनी हुई हैं। मिल के मुख्य अभियंता योगेश कुमार गुप्ता ने बताया कि मिल की दैनिक पेराई क्षमता 2750 क्विंटल की है, लेकिन असामान्य स्थितियों के चलते मिल एक सप्ताह से मात्र दो हजार क्विंटल गन्ना ही रोज पेर पा रही है। उन्होंने बताया कि तीन मार्च की क्लीनिंग के बाद मिल पुन: पूरी क्षमता से पेराई करने लगेगी।