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व्यवस्था की पोल खोलती ये तस्वीर: मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के बाहर बेंच पर प्रसव, नवजात की मौत; डॉक्टर नहीं आए

Thu, 08 Feb 2024 07:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Thu, 08 Feb 2024 07:59 AM IST
सार

पीलीभीत में दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के बाहर बेंच पर एक गर्भवती दर्द से तड़पती रही, लेकिन डॉक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। महिलाओं ने बेंच पर ही उसका प्रसव कराया। जन्म के तुरंत बाद नवजात की मौत हो गई। 

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Childbirth on the bench outside the emergency in the medical college newborn lost his life
बेंच पर गर्भवती का प्रसव कराती महिलाएं । - फोटो : स्रोत - वायरल वीडियो

विस्तार

पीलीभीत के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही के चलते एक महिला का प्रसव इमरजेंसी के बाहर बनी बेंच पर ही कराना पड़ा। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। इसके बावजूद इमरजेंसी के डॉक्टर व स्टाफ मदद के लिए नहीं आए। बाद में प्रसूता को एमसीएच विंग में बने महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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परिजनों का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक इमरजेंसी के बाहर छोड़ कर चला गया था। इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ से महिला अस्पताल पहुंचाने की गुजारिश की, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसके चलते स्थित पार्क में बैठी महिला तीमारदार और मरीजों ने उसका प्रसव कराया।
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बरेली जिले के थाना हाफिजगंज के गांव पृथ्वीपुर निवासी कृष्णपाल दो दिन पहले अपनी पत्नी मुन्नी देवी, बहू सुमन के साथ अपने बहनोई माधोटांडा रोड पर स्थित देवीपुरा गांव निवासी पप्पू के यहां एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए थे। उनकी गर्भवती बहू सुमन को बुधवार दोपहर करीब एक बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई, तो पहले परिवार वाले एंबुलेंस मंगाने में जुट गए, लेकिन तभी परिवार वाले उसे ई-रिक्शा से अस्पताल ले गए।

डॉक्टर बोले- महिला अस्पताल में लेकर जाओ 
ई-रिक्शा चालक ने उन्हें मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी के पास छोड़ दिया। पहले उन्होंने ई-रिक्शा चालक से महिला अस्पताल के पास छोड़ने के लिए कहा, तो उसने रास्ता बंद होने की बात कही। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर और स्टाफ से भर्ती करने के लिए कहा, तो उन्होंने उसे महिला अस्पताल ले जाने की बात कही। जब अस्पताल पहुंचाने के लिए बोला तो किसी ने मदद नहीं की। और न ही महिला अस्पताल का स्टाफ मौके पर पहुंचा। 

सुमन की हालत बिगड़ती देख पार्क में बैठी महिलाओं ने उसका प्रसव कराया। इस दौरान नवजात की मौत हो गई। काफी देर के बाद अन्य लोगों के जरिये मामले की जानकारी महिला विंग के सीएमएस डॉ. राजेश कुमार को मिली। वह स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे और प्रसूता को अस्पताल में भर्ती कराया।

सीएमओ डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि मेरे पास एक वीडियो के माध्यम से जानकारी आई थी। इसकी जांच डिप्टी सीएमओ डॉ. छत्रपाल सिंह को दी गई है। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

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