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छठ पूजा : आज अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देंगीं महिलाएं
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बरहा रेलवे क्रांसिग के पास स्थित सरोवर पर छठ पूजा के लिए होती सजावट।संवाद
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पीलीभीत। शहर के बरहा रेलवे क्रॉसिंग, पूरनपुर, घुंघचाई और मझोला में देवहा नदी के किनारे छठ पूजा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं। वेदियां बन गईं हैं। जलाशय-घाट और प्रकाश व्यवस्था भी कर ली गई है। बृहस्पतिवार को महिलाएं अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। व्रती महिलाओं ने भी बुधवार को पूजन सामग्री की खरीद और अन्य तैयारियां पूरी कर लीं।
दीपावली के छह दिन बाद छठ पर्व मनाया जाता है। चार दिन चलने वाले इस पर्व में बृहस्पतिवार की शाम व्रती महिलाएं डूबते (अस्ताचल गामी) सूर्य को अर्घ्य देंगी और शुक्रवार सुबह उगते सूर्य की उपासना की जाएगी। व्रती महिलाओं ने छठ पूजा की तैयारी पूरी कर ली। वहीं घाटों और जलाशयों पर भी सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
शहर के बरहा घाट पर वेदी, जलाशय और प्रकाश व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। शहर की वसुंधरा कॉलोनी की महिलाओं ने घर में पूजन सामग्री और अन्य तैयारियां कीं। घुंघचाई क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर किनारे और रमनगरा क्षेत्र में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। यहां पर छठ पूजा पर्व काफी हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
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घाटों पर महिलाएं गाएंगी छठ मैया के गीत
बुधवार शाम को महिलाओं ने विशेष पकवान (लौकी व पूड़ी) खाने के बाद व्रत शुरू कर दिया। व्रतधारी महिलाएं 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखेंगी। बृहस्पतिवार को तालाब, पोखर, हरदोई ब्रांच नहर किनारे बनी छठ वेदियों पर व्रतधारी महिलाएं नवीन वस्त्र धारण कर सिर पर मौसम से संबंधित फल- सेब, केला, संतरा, शकरकंद, सिंघाड़ा, मूली, अदरक, धान का चूरा आदि, एक डलिया में रखकर समूह के साथ पहुंचेंगी। छठ मैया से संबंधित मंगल गीत गाएंगी और डूबते हुए सूर्य देव की पूजा आराधना करेंगी।
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दीपावली के छह दिन बाद छठ पर्व मनाया जाता है। चार दिन चलने वाले इस पर्व में बृहस्पतिवार की शाम व्रती महिलाएं डूबते (अस्ताचल गामी) सूर्य को अर्घ्य देंगी और शुक्रवार सुबह उगते सूर्य की उपासना की जाएगी। व्रती महिलाओं ने छठ पूजा की तैयारी पूरी कर ली। वहीं घाटों और जलाशयों पर भी सभी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
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शहर के बरहा घाट पर वेदी, जलाशय और प्रकाश व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। शहर की वसुंधरा कॉलोनी की महिलाओं ने घर में पूजन सामग्री और अन्य तैयारियां कीं। घुंघचाई क्षेत्र में हरदोई ब्रांच नहर किनारे और रमनगरा क्षेत्र में पूर्वांचल के लोग रहते हैं। यहां पर छठ पूजा पर्व काफी हर्षोल्लास से मनाया जाता है।
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घाटों पर महिलाएं गाएंगी छठ मैया के गीत
बुधवार शाम को महिलाओं ने विशेष पकवान (लौकी व पूड़ी) खाने के बाद व्रत शुरू कर दिया। व्रतधारी महिलाएं 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखेंगी। बृहस्पतिवार को तालाब, पोखर, हरदोई ब्रांच नहर किनारे बनी छठ वेदियों पर व्रतधारी महिलाएं नवीन वस्त्र धारण कर सिर पर मौसम से संबंधित फल- सेब, केला, संतरा, शकरकंद, सिंघाड़ा, मूली, अदरक, धान का चूरा आदि, एक डलिया में रखकर समूह के साथ पहुंचेंगी। छठ मैया से संबंधित मंगल गीत गाएंगी और डूबते हुए सूर्य देव की पूजा आराधना करेंगी।

बरहा रेलवे क्रांसिग के पास स्थित सरोवर पर छठ पूजा के लिए होती सजावट।संवाद

बरहा रेलवे क्रांसिग के पास स्थित सरोवर पर छठ पूजा के लिए होती सजावट।संवाद