{"_id":"5e8c789c8ebc3e728d3a92e5","slug":"chapemari-pilibhit-news-bly401947325","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोटेदार पर लगे आरोप सही पाए गए, निलंबन की संस्तुति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोटेदार पर लगे आरोप सही पाए गए, निलंबन की संस्तुति
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीसलपुर। गरीबों के मिल रहे मुफ्त राशन पर डाका डालने की खबर छपने के बाद छापे मारने का क्रम जारी है। सप्लाई इंस्पेक्टर को जांच में गजरौला के कोटेदार पर लगे आरोप सही मिले। उन्होंने एसडीएम को रिपोर्ट भेजकर कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की।
एसडीएम चंद्रभानु सिंह के निर्देश पर सप्लाई इंस्पेक्टर वीके मिश्रा ने गजरौला जाकर कोटेदार सोहनलाल पर राशन की कालाबाजारी करने, दुकान नियमित रूप से न खोलने, घटतौली करने और उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करनेे के आरोपों की जांच की। सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में सारे आरोप सही पाए गए। एसडीएम को रिपोर्ट भेजकर कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की। संवाद
वहीं बीडीओ जेसी जोशी ने शिकायतों की जांच करने के क्रम में गांव गोवल के कोटेदार की दुकान पर छापा मारा। उसमें कोटेदार की दुकान बंद मिली। कोटेदार पर राशन की कालाबाजारी करने के अलावा घटतौली करने, दुकान नियमित रूप से न खोलने और उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोप हैं। उन्होंने बताया कि एक दो दिन बाद फिर गांव जाकर राशन वितरण की जांच करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसडीएम चंद्रभानु सिंह के निर्देश पर सप्लाई इंस्पेक्टर वीके मिश्रा ने गजरौला जाकर कोटेदार सोहनलाल पर राशन की कालाबाजारी करने, दुकान नियमित रूप से न खोलने, घटतौली करने और उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करनेे के आरोपों की जांच की। सप्लाई इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच में सारे आरोप सही पाए गए। एसडीएम को रिपोर्ट भेजकर कोटेदार की दुकान का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति की। संवाद
विज्ञापन
वहीं बीडीओ जेसी जोशी ने शिकायतों की जांच करने के क्रम में गांव गोवल के कोटेदार की दुकान पर छापा मारा। उसमें कोटेदार की दुकान बंद मिली। कोटेदार पर राशन की कालाबाजारी करने के अलावा घटतौली करने, दुकान नियमित रूप से न खोलने और उपभोक्ताओं से अभद्र व्यवहार करने के आरोप हैं। उन्होंने बताया कि एक दो दिन बाद फिर गांव जाकर राशन वितरण की जांच करेंगे।
विज्ञापन