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72 घंटे बाद भी कैद से आजाद नहीं हुआ चंदू
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
Updated Thu, 08 Mar 2018 07:04 PM IST
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माधोटांडा थाना क्षेत्र के चांदूपुर गांव में महिला को मौत के घाट उतारने के बाद सोमवार को पकड़े गए बाघ चंदू को 72 घंटे बाद भी मुक्ति नहीं मिली है। बुधवार को वनविभाग की टीम उसे लेकर दुधवा नेशनल पार्क गई थी लेकिन उसे रिसीव नहीं कराया जा सका। बृहस्पतिवार को कानपुर की टीम ने दुधवा पहुंचकर बाघ का परीक्षण किया। संभवत: शुक्रवार को बाघ को जंगल में छोड़ा जाएगा।
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माला जंगल के बाहर घूम रहे एक बाघ ने सोमवार को माधोटांडा थाना क्षेत्र चांदूपुर गांव निकट वीरखेड़ा निवासी छेदालाल की विवाहिता पुत्री गिरजा देवी को मार डाला था। इसके बाद वनविभाग की टीम ने इसे ट्रैंक्यूलाइज किया पिंजरे में कैद दिया था। बाघ को जंगल में छोड़ने से पहले कॉलर आईडी लगाने का निर्णय लिया गया जिसके लिए दिल्ली से डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के निदेशक जी. आरेंद्रन भी पहुंचे थे। बुधवार को बाघ चंदू को वनसंरक्षक पीपी सिंह के नेतृत्व में टीम उसे लेकर दुधवा नेशनल पार्क रवाना हुई। देरशाम को चंदू दुधवा पहुंच गया लेकिन अधिकारियों के मौजूद न होने के चलते उसे हैंडओवर नहीं किया जा सका। जिसके चलते चंदू को बुधवार की रात भी पिंजरे में ही बितानी पड़ी। बृहस्पतिवार को लिखा पढ़ी के बाद चंदू को दुधवा नेशनल पार्क प्रशासन को हैंडओवर किया गया। इसके बाद कानपुर से पहुंचे पशु चिकित्साधिकारी एवं अन्य टीम ने उसका परीक्षण किया। सूत्रों की मानें तो जांच के बाद चंदू को पुन: बेहोश कर कॉलर आईडी लगाई जाएगी। इसके कम से कम 5-6 घंटे बाद पूरी तरह होश में आने के बाद ही चंदू को छोड़ने योजना है। इसके चलते शुक्रवार सुबह से पहले उसकी रिहाई संभव नहीं है।
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