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अभी न गन्ना मूल्य तय न खुले गन्ना सेंटर ,चीनी मिलों ने शुरू कर दी गन्ने की पेराई

Wed, 04 Nov 2020 11:13 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2020 11:13 PM IST
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cane farmers problems
शहर में टनकपुर हाइवे पर खड़ी गन्ने से भरी ट्राली - फोटो : PILIBHIT
पीलीभीत। पेराई सत्र 2020-21 के तहत चीनी मिलों में गन्ने की पेराई शुरू हो चुकी है, मगर अब तक न तो गन्ने का समर्थन मूल्य ही घोषित हुआ है और न ही गन्ना सेंटरों का ही निर्धारण हो सका है। किसानों का कहना है कि बीते दो सालों से सरकार ने गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की है। ऐसे में किसान संगठन लागत से डेढ़ गुना गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
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रबी सीजन की शुरूआत हो चुकी है। धान की कटाई के साथ गन्ने की फसल तैयार हो रही है। जनपद में एक लाख हेक्टेयर से अधिक रकवे पर गन्ने की फसल तैयार खड़ी है। पेराई सत्र 2020-21 को लेकर चार चीनी मिलों में से एक चीनी मिल ने इंडेंट जारी कर एक नवंबर से गन्ने की पेराई भी शुरू कर दी है। शेष तीन चीनी मिलें भी जल्द ही पेराई शुरू करने वाली हैं, मगर अब तक शासन स्तर से गन्ना सेंटरों का निर्धारण नहीं किया गया है। इसको लेकर किसानों में असमंजस की स्थिति है।
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किसानों को उम्मीद थी कि पेराई सत्र शुरू होने से पहले ही सरकार गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित कर देगी, मगर चीनी मिलों का संचालन शुरू होने के बाद भी सरकार ने अब तक गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित नहीं किया है। किसानों का कहना है कि बीते दो सालों से सरकार ने गन्ना मूल्य में फूटी कौड़ी की बढ़ोतरी नहीं की है। ऐसे में किसान संगठन लागत से डेढ़ गुना गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग कर रहे हैं। पिछले साल गन्ने की अगेती प्रजातियों का भाव 325 रुपये, सामान्य प्रजाति का 315 रुपयेे प्रति क्विंटल था। इस साल किसान लागत के अनुसार गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाकर देने की बात कह रहे हैं। उधर, इस साल गन्ने का रकवा भी बढ़ गया है। ऐसे मेें गन्ना सेंटरों का निर्धारण न होने और गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित न होने से किसानों की मुसीबत बढ़ना स्वाभाविक है।
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चीनी मिलें चल चुकीं हैं, मगर अब तक सेंटरों का अता-पता नहीं है। हालांकि पिछले साल वाले सेंटर ही माने गए हैं, मगर बाद में कहीं सेंटर बदल गए तो किसानों की ही समस्या बढ़ेगी। - ब्रजेश मिश्रा, किसान
सरकार ने पिछले दो साल से गन्ना का समर्थन मूल्य नहीं बढ़ाया है, जबकि लागत दिनों दिन बढ़ती जा रही है। सरकार को लागत को देखते हुए तत्काल गन्ने का समर्थन मूल्य घोषित करना चाहिए। - सुखदीप सिंह लाडी, किसान

गन्ना क्रय केंद्रों का निर्धारण शासन स्तर से किया जाना है। शासनादेश के मुताबिक, जब तक नए गन्ना सेंटरों का निर्धारण नहीं हो जाता, पूर्व में संचालित हो रहे 167 क्रय केंद्रों के माध्यम से खरीद की जाएगी। जल्द ही गन्ने का समर्थन मूल्य भी घोषित होने की उम्मीद है। - जितेंद्र कुमार मिश्र, जिला गन्ना अधिकारी
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