{"_id":"64c2c792c26f4d654204a588","slug":"bridge-on-mala-river-will-be-built-with-rs-134-crore-pilibhit-news-c-121-1-pbt1001-1742-2023-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pilibhit News: 1.34 करोड़ रुपये से बनाया जाएगा माला नदी पर पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pilibhit News: 1.34 करोड़ रुपये से बनाया जाएगा माला नदी पर पुल
Fri, 28 Jul 2023 01:07 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 28 Jul 2023 01:07 AM IST
विज्ञापन
माला नदी पर बना पुल । संवाद
पीलीभीत। गजरौला से शिवनगर गांव की ओर जाने वाले रास्ते में माला नदी के जर्जर पुल से लोगों को अब निजात मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने मंजूर कर लिया है। इसके लिए 1.34 करोड रुपये जारी कर दिए हैं। विभाग की ओर से इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गजरौला थाने के पास से गांव शिवनगर के लिए रोड बनी है। इसी मार्ग पर माला नदी पर एक पुल बना है। पुल पार करके ही अन्य गांवों को जाने का साधन है। काफी पुराना होने के कारण पुल जर्जर हो गया है। पुल के बीच में गहरी दरारें पड़ गई हैं। गर्डर भी उखड गए हैं। पुल से गुजरना काफी जोखिम भरा है। लोगों की शिकायत पर करीब एक साल पहले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल की थी। पुल को जर्जर मानते हुए सुरक्षा के लिहाज से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। छोटे वाहन ही इस पुल से गुजर रहे थे। विभाग की ओर से पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। इसमें संपर्क मार्ग का निर्माण भी शामिल किया गया था।
इन गांवों के लोगों का है आना-जाना
पुल से पिंडरा, बैजूनागर, विधिपुर, लालपुर, शिवनगर, नौगमा, पलिया माफी, बकैनिया, बिहारीपुर आदि गांव के लिए मुख्य रास्ता है। यह पुल अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ है। इसमें रेलिंग भी नहीं है। पुल कहीं बीच में तो कहीं रेलिंग की साइड से दरार खा चुका है। इसकी कई बार मरम्मत हो चुकी हैं।
विज्ञापन
वर्जन
पुल निर्माण के लिए शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। निर्माण के लिए अब टेंडर जारी किए जाएंगे। -उदय नारायण, अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
गजरौला थाने के पास से गांव शिवनगर के लिए रोड बनी है। इसी मार्ग पर माला नदी पर एक पुल बना है। पुल पार करके ही अन्य गांवों को जाने का साधन है। काफी पुराना होने के कारण पुल जर्जर हो गया है। पुल के बीच में गहरी दरारें पड़ गई हैं। गर्डर भी उखड गए हैं। पुल से गुजरना काफी जोखिम भरा है। लोगों की शिकायत पर करीब एक साल पहले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने जांच पड़ताल की थी। पुल को जर्जर मानते हुए सुरक्षा के लिहाज से बड़े वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। छोटे वाहन ही इस पुल से गुजर रहे थे। विभाग की ओर से पुल निर्माण का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया था। इसमें संपर्क मार्ग का निर्माण भी शामिल किया गया था।
विज्ञापन
इन गांवों के लोगों का है आना-जाना
पुल से पिंडरा, बैजूनागर, विधिपुर, लालपुर, शिवनगर, नौगमा, पलिया माफी, बकैनिया, बिहारीपुर आदि गांव के लिए मुख्य रास्ता है। यह पुल अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ है। इसमें रेलिंग भी नहीं है। पुल कहीं बीच में तो कहीं रेलिंग की साइड से दरार खा चुका है। इसकी कई बार मरम्मत हो चुकी हैं।
विज्ञापन
वर्जन
पुल निर्माण के लिए शासन की ओर से मंजूरी मिल गई है। निर्माण के लिए अब टेंडर जारी किए जाएंगे। -उदय नारायण, अधिशासी अभियंता