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पीलीभीत जिले में जीती भाजपा मगर हार के बावजूद सपा का वोट प्रतिशत बढ़ा
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पीलीभीत। लगातार दूसरी बार जिले की चारों सीटों पर काबिज होने वाली सपा ने वोट शेयर बढ़ाने के मामले में भाजपा को पछाड़ दिया। भाजपा को पिछले चुनाव के मुकाबले 2.47 प्रतिशत वोट बढ़ाने में कामयाबी मिली तो सपा का वोट शेयर 4.37 फीसदी बढ़ा, जो भाजपा के मुकाबले 1.9 फीसदी ज्यादा है। इस बार जिले में भाजपा का वोट शेयर 53.45 तो सपा का 36.37 फीसदी रहा है।
जिले की चारों सीटों पर बसपा और कांग्रेस ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। इनका वोट शेयर कम हुआ तो इसका फायदा भाजपा और सपा को मिला। 2012 में सपा ने प्रदेश में सरकार बनाई थी। उस साल सपा ने जिले की चारों सीटों पर 25.65 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था। बीसलपुर को छोड़ बाकी तीनों सीटें जीती थीं।
वहीं भाजपा का वोट शेयर 28.55 फीसदी रहा था। हालांकि इसमें बड़ा हिस्सा बीसलपुर का था। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने चारों सीटों पर कब्जा किया था। चारों सीटों पर भाजपा का 50.98 फीसदी वोट शेयर रहा था। जो पिछले चुनाव के मुकाबले 22.43 फीसद ज्यादा था। हालांकि सपा का भी वोट शेयर बढ़कर 32 फीसदी हो गया। इस चुनाव में उम्मीद थी कि सपा बेहतर प्रदर्शन करेेगी।
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प्रदर्शन बेहतर हुआ भी, सपा ने 36.37 फीसदी वोट हासिल किए। जो पिछले चुनाव के मुकाबले 4.37 फीसदी ज्यादा हैं। भाजपा ने चारों सीटें फिर जीतीं और साथ ही अपना वोट शेयर भी बढ़ाया, लेकिन सपा के मुकाबले भाजपा यहां पिछड़ गई। भाजपा ने इस बार चारों सीटों पर 53.45 फीसदी रहा जो पिछले चुनाव के मुकाबले 2.47 फीसद बढ़ा।
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जिले की चारों सीटों पर बसपा और कांग्रेस ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया। इनका वोट शेयर कम हुआ तो इसका फायदा भाजपा और सपा को मिला। 2012 में सपा ने प्रदेश में सरकार बनाई थी। उस साल सपा ने जिले की चारों सीटों पर 25.65 फीसदी वोट शेयर हासिल किया था। बीसलपुर को छोड़ बाकी तीनों सीटें जीती थीं।
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वहीं भाजपा का वोट शेयर 28.55 फीसदी रहा था। हालांकि इसमें बड़ा हिस्सा बीसलपुर का था। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने चारों सीटों पर कब्जा किया था। चारों सीटों पर भाजपा का 50.98 फीसदी वोट शेयर रहा था। जो पिछले चुनाव के मुकाबले 22.43 फीसद ज्यादा था। हालांकि सपा का भी वोट शेयर बढ़कर 32 फीसदी हो गया। इस चुनाव में उम्मीद थी कि सपा बेहतर प्रदर्शन करेेगी।
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प्रदर्शन बेहतर हुआ भी, सपा ने 36.37 फीसदी वोट हासिल किए। जो पिछले चुनाव के मुकाबले 4.37 फीसदी ज्यादा हैं। भाजपा ने चारों सीटें फिर जीतीं और साथ ही अपना वोट शेयर भी बढ़ाया, लेकिन सपा के मुकाबले भाजपा यहां पिछड़ गई। भाजपा ने इस बार चारों सीटों पर 53.45 फीसदी रहा जो पिछले चुनाव के मुकाबले 2.47 फीसद बढ़ा।