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Pilibhit News: आपातकाल दिवस पर भाजपाइयों ने कांग्रेस पर साधा निशाना
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भाजपा जिला कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारी एवं सम्मानित किए गए लोकतंत्र सेनान
पीलीभीत। भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपातकालीन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला प्रभारी गुलशन आनंद ने कांग्रेस पर निशाना साधा। लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानपूर्वक शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में गुलशन आनंद ने कहा कि अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बांध दिए थे।
इस अवसर पर उन्होंने आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन किया। संगोष्ठी में जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी सुधीर चंद्र मिश्रा, रामबहादुर सिंह, सालिक राम, बांके लाल, नंदलाल, अबदुल राशिद, गोविंद राम सक्सेना, बहोरन लाल मिश्रा, कैलाश चंद्र मिश्रा, अरुण वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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आपातकाल में जिले के कई अधिवक्ता गए थे जेल
पीलीभीत। आपातकाल में जनपद के कई अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसमें जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के सदस्य कैलाश चंद्र गुप्ता, अशोक कुमार शमशा, अजय कुमार शमशा, विश्वमित्र टंडन भी शामिल थे।
बता दें कि जेल जाने वालों में जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके बाबू राजकुमार सिंह भी शामिल रहे। बाबू राजकुमार सिंह का निधन हो चुका है। इसके अलावा कस्बा बरखेड़ा निवासी अधिवक्ता अजीत कुमार सक्सेना के पिता मास्टर गोपीकृष्ण सक्सेना भी लंबे अरसे तक आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे। मास्टर गोपीकृष्ण सक्सेना का भी निधन हो चुका है। अजीत कुमार सक्सेना भी जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। इस संबंध में विश्वमित्र टंडन ने आपातकाल की 100 अनसुनी कहानियां नाम से एक पुस्तक भी संकलित की है। संवाद
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सोमवार को पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित संगोष्ठी में गुलशन आनंद ने कहा कि अहंकार में डूबी, निरंकुश कांग्रेस सरकार ने एक परिवार के सत्ता सुख के लिए 21 महीनों तक देश में सभी प्रकार के नागरिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। मीडिया पर सेंसरशिप लगा दी थी, संविधान में बदलाव किए और न्यायालय तक के हाथ बांध दिए थे।
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इस अवसर पर उन्होंने आपातकाल के खिलाफ संसद से सड़क तक आंदोलन करने वाले असंख्य सत्याग्रहियों, समाजसेवियों, श्रमिकों, किसानों, युवाओं व महिलाओं के संघर्ष को नमन किया। संगोष्ठी में जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानी सुधीर चंद्र मिश्रा, रामबहादुर सिंह, सालिक राम, बांके लाल, नंदलाल, अबदुल राशिद, गोविंद राम सक्सेना, बहोरन लाल मिश्रा, कैलाश चंद्र मिश्रा, अरुण वाजपेयी आदि मौजूद रहे।
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आपातकाल में जिले के कई अधिवक्ता गए थे जेल
पीलीभीत। आपातकाल में जनपद के कई अधिवक्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसमें जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के सदस्य कैलाश चंद्र गुप्ता, अशोक कुमार शमशा, अजय कुमार शमशा, विश्वमित्र टंडन भी शामिल थे।
बता दें कि जेल जाने वालों में जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रह चुके बाबू राजकुमार सिंह भी शामिल रहे। बाबू राजकुमार सिंह का निधन हो चुका है। इसके अलावा कस्बा बरखेड़ा निवासी अधिवक्ता अजीत कुमार सक्सेना के पिता मास्टर गोपीकृष्ण सक्सेना भी लंबे अरसे तक आपातकाल के दौरान जेल में बंद रहे। मास्टर गोपीकृष्ण सक्सेना का भी निधन हो चुका है। अजीत कुमार सक्सेना भी जिला संयुक्त बार एसोसिएशन के सदस्य हैं। इस संबंध में विश्वमित्र टंडन ने आपातकाल की 100 अनसुनी कहानियां नाम से एक पुस्तक भी संकलित की है। संवाद