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बीसलपुर के चेयरमैन की बढ़ी मुश्किलें,फाइनल रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति
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पीलीभीत। फर्जी पट्टा करने के मामले में बीसलपुर नगर पालिका चेयरमैन नूर अहमद कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। शनिवार को उनको मामले की जांच कर रहे सिटी मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर बयान दर्ज कराने थे। मगर वह नहीं आए। उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों को आधार मानते हुए सिटी मजिस्ट्रेट ने फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी कर ली है। इसमें न केवल चेयरमैन बल्कि पालिका के कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। रिपोर्ट रविवार को डीएम को सौंपी जाएगी।
नगर पालिका बीसलपुर में फर्जी पट्टा करने के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। चेयरमैन को छोड़ बाकी पक्ष अपना बयान पहले ही दर्ज करा चुके हैं। चेयरमैन ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए शनिवार तक का वक्त मांगा था। हालांकि उन्होंने शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट को एक पत्र भेजकर अवगत कराया कि तबीयत ठीक न होने के कारण वह शनिवार को नहीं आ सकते और मोबाइल बंद कर लिया। शनिवार को जब वह बयान दर्ज कराने नहीं आए तो सिटी मजिस्ट्रेट उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों को ही उनका पक्ष मानते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार रिपोर्ट रविवार को डीएम को सौंपी जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज हुए बयानों के आधार पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हो रही है। इसमें नगर पालिका के कई कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि पट्टा करने में गड़बड़ी साबित हो रही है। मामले में जो भी लोग जुड़े होंगे उनपर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। अब रिपोर्ट डीएम तक पहुंचने के बाद साफ होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
पूर्व विधायक ने उठाया था मामला
बीसलपुर के पूर्व विधायक राम सरन वर्मा ने मामले को उठाया था। उसके बाद जांच शुरू हुई जिसमें गड़बड़ियों की परतें खुलीं। पट्टे की रसीदें भी फर्जी निकलीं। एक बाबू अपने बयानों में यह तक कह चुका है कि उसपर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की कोशिश हुई। जब मना किया तो फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए।
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नगर पालिका चेयरमैन शनिवार को बयान दर्ज कराने नहीं आए। उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों को ही आधार मानकर रिपोर्ट बनाई जा रही है। रविवार को रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। बयानों और दस्तावेजों के आधार पर चेयरमैन के साथ पालिका के अन्य कर्मचारी भी दोषी प्रतीत हो रहे हैं। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति करके डीएम को सौंप दी जाएगी। आगे की कार्रवाई डीएम कार्यालय से ही होगी।
- डॉ. राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
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नगर पालिका बीसलपुर में फर्जी पट्टा करने के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। चेयरमैन को छोड़ बाकी पक्ष अपना बयान पहले ही दर्ज करा चुके हैं। चेयरमैन ने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए शनिवार तक का वक्त मांगा था। हालांकि उन्होंने शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट को एक पत्र भेजकर अवगत कराया कि तबीयत ठीक न होने के कारण वह शनिवार को नहीं आ सकते और मोबाइल बंद कर लिया। शनिवार को जब वह बयान दर्ज कराने नहीं आए तो सिटी मजिस्ट्रेट उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों को ही उनका पक्ष मानते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा तैयार रिपोर्ट रविवार को डीएम को सौंपी जाएगी। सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज हुए बयानों के आधार पर फर्जीवाड़े की पुष्टि हो रही है। इसमें नगर पालिका के कई कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं। सिटी मजिस्ट्रेट का कहना है कि पट्टा करने में गड़बड़ी साबित हो रही है। मामले में जो भी लोग जुड़े होंगे उनपर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। अब रिपोर्ट डीएम तक पहुंचने के बाद साफ होगा कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
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पूर्व विधायक ने उठाया था मामला
बीसलपुर के पूर्व विधायक राम सरन वर्मा ने मामले को उठाया था। उसके बाद जांच शुरू हुई जिसमें गड़बड़ियों की परतें खुलीं। पट्टे की रसीदें भी फर्जी निकलीं। एक बाबू अपने बयानों में यह तक कह चुका है कि उसपर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की कोशिश हुई। जब मना किया तो फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए।
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नगर पालिका चेयरमैन शनिवार को बयान दर्ज कराने नहीं आए। उनके द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों को ही आधार मानकर रिपोर्ट बनाई जा रही है। रविवार को रिपोर्ट डीएम को सौंप दी जाएगी। बयानों और दस्तावेजों के आधार पर चेयरमैन के साथ पालिका के अन्य कर्मचारी भी दोषी प्रतीत हो रहे हैं। रिपोर्ट में कार्रवाई की संस्तुति करके डीएम को सौंप दी जाएगी। आगे की कार्रवाई डीएम कार्यालय से ही होगी।
- डॉ. राजेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट