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बाइफरकेशन और उसके आसपास नहरों में जान जोखिम में डालकर खूब नहा रहे युवा
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बाइफकेशन क्षेत्र में नहरों में नहाते युवा।
- फोटो : PILIBHIT
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कलीनगर। बाइफरकेशन स्थित नहरों का जाल इन दिनों युवाओं को भा रहा है मगर इसमें कई खतरे हैं। शनिवार को नहाते समय किशोर डूब गया था। इसके बाद भी युवक नहीं चेते। रविवार को बाइफरकेशन और उसके आसपास की नहरों में बड़ी संख्या में युवक नहाते मिले। बाइफरकेशन की फीडर नहर में भी पत्थर और गहरे गड्ढे हैं जो जानलेवा साबित हो सकते हैं।
रविवार को बाइफकेशन जाने से पहले जंगल के निकट स्थित एक रेस्टोरेंट के निकट हरदोई ब्रांच नहर से निकली रजवाह में युवाओं की बड़ी संख्या थी। युवा बिना खौफ नहाते दिखे। हालांकि रजवाह की गहराई कम होने के चलते केवल छोटे बच्चों को ही खतरा रहता है। वहीं बाइफरकेशन में हरदोई ब्रांच नहर और शारदा फीडर नहर में भी युवाओं की मौजूदगी देखने को मिली। खास बात यह रही कि परिवार के साथ घूमने आई महिलाएं भी नहर में घुस रही हैं।
स्थानीय सिंचाई कर्मियों के समझाने पर भी कोई मानने को तैयार होता दिखाई नहीं दिया। इधर, शनिवार को किशोर के डूबने की घटना के बाद पुलिस गंभीर दिखाई नहीं दी। बाइफकेशन और शारदा डैम क्षेत्र में एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं दिखा। बाइफरकेशन स्थित सिंचाई कर्मचारियों का कहना है कि काफी कहने के बाद भी युवा नहाने से नहीं मानते, ऐसे में जुर्माने आदि के साथ सख्ती की होनी चाहिए।
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पुलिस के समझाने के बाद पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन
घटना की जानकारी के बाद शनिवार देर शाम को किशोर के परिजन बाइफरकेशन पहुंचे थे। पुलिस ने उसने बातचीत की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद इंस्पेक्टर समेत स्टाफ के काफी समझाने के बाद परिजन माने तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
बाइफरकेशन और आसपास की नहरों में कहीं-कहीं गड्ढे भी हैं। ऐसे में यही बात सही है कि जब तक तैरना न जानते हों तब तक इन नहरों में न जाएं। दूसरी बात अगर पर्यटन के लिए आए हैं तो नहाने से परहेज करें। बच्चों के मामले में अभिभावक सतर्कता दिखाएं। जो युवक हैं उन्हें खुद अपने को जोखिम से बचाना चाहिए।
- नवीन खंडेलवाल, उप निदेशक, पीलीभीत टाइगर रिजर्व
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रविवार को बाइफकेशन जाने से पहले जंगल के निकट स्थित एक रेस्टोरेंट के निकट हरदोई ब्रांच नहर से निकली रजवाह में युवाओं की बड़ी संख्या थी। युवा बिना खौफ नहाते दिखे। हालांकि रजवाह की गहराई कम होने के चलते केवल छोटे बच्चों को ही खतरा रहता है। वहीं बाइफरकेशन में हरदोई ब्रांच नहर और शारदा फीडर नहर में भी युवाओं की मौजूदगी देखने को मिली। खास बात यह रही कि परिवार के साथ घूमने आई महिलाएं भी नहर में घुस रही हैं।
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स्थानीय सिंचाई कर्मियों के समझाने पर भी कोई मानने को तैयार होता दिखाई नहीं दिया। इधर, शनिवार को किशोर के डूबने की घटना के बाद पुलिस गंभीर दिखाई नहीं दी। बाइफकेशन और शारदा डैम क्षेत्र में एक भी पुलिस कर्मी मौजूद नहीं दिखा। बाइफरकेशन स्थित सिंचाई कर्मचारियों का कहना है कि काफी कहने के बाद भी युवा नहाने से नहीं मानते, ऐसे में जुर्माने आदि के साथ सख्ती की होनी चाहिए।
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पुलिस के समझाने के बाद पोस्टमार्टम को राजी हुए परिजन
घटना की जानकारी के बाद शनिवार देर शाम को किशोर के परिजन बाइफरकेशन पहुंचे थे। पुलिस ने उसने बातचीत की, लेकिन परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद इंस्पेक्टर समेत स्टाफ के काफी समझाने के बाद परिजन माने तो शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। रविवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
बाइफरकेशन और आसपास की नहरों में कहीं-कहीं गड्ढे भी हैं। ऐसे में यही बात सही है कि जब तक तैरना न जानते हों तब तक इन नहरों में न जाएं। दूसरी बात अगर पर्यटन के लिए आए हैं तो नहाने से परहेज करें। बच्चों के मामले में अभिभावक सतर्कता दिखाएं। जो युवक हैं उन्हें खुद अपने को जोखिम से बचाना चाहिए।
- नवीन खंडेलवाल, उप निदेशक, पीलीभीत टाइगर रिजर्व