{"_id":"306c14410483355d088df95c6399d59c","slug":"baifr-in-cation-form-nine-mw-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइफरकेशन में बनेगी नौ मेगावाट बिजली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइफरकेशन में बनेगी नौ मेगावाट बिजली
पीलीभीत
Updated Wed, 27 Jan 2016 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीलीभीत सहित एक दर्जन जिलों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने वाली हरदोई ब्रांच पर जल्द बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके लिए इस नहर पर बाइफरकेशन के निकट नौ मेगावाट के तीन प्रोजेक्ट लगाए जाएंगे। बुधवार को जलविद्युत विकास निगम के एमडी ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद के साथ बाइफरकेशन का दौरा कर स्थान कर चयन किया।
नदी और नहरों के लिए प्रसिद्ध जिले में जल विद्युत की संभावनाएं काफी प्रबल हैं। इसके लिए कई बार प्रयास हुए। जलविद्युत निगम की टीमों ने यहां के दौरे भी किए, लेकिन कागजी घोड़े दौड़ने के बाद मामला ठंडा हो गया। अब पिछले दिनों मत्स्य एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद ने शारदा सागर अथवा इससे जुड़ी नहरों से विद्युत उत्पादन शुरू कराने को प्रयास शुरू किए थे। उनकी पहल पर लखनऊ में कई निगमों के अधिकारियों ने बैठक की और काम शुरू किया। कैबिनेट से भी हरी झंडी मिलने के बाद काम में तेजी आई और बुधवार को जलविद्युत विकास निगम के एमडी विशाल चौहान ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद, पूरनपुर विधायक पीतमराम, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, राममूर्ति सिंह सहित तमाम नेताओं और अधिकारियों के साथ बाइफरकेशन और शारदा सागर का दौरा किया। एमडी ने बताया बाइफरकेशन के निकट हरदोई ब्रांच नहर में तीन प्रोजेक्ट क्रमश: माधो-1, माधो-2 और डूडा लगाए जाएंगे। इनसे नौ मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा।
एक माह में शुरू होगा काम
जल विद्युत विकास निगम के एमडी विशाल चौहान ने बताया कि निगम ने तीनों प्रोजेक्ट के अभिलेख सिंचाई विभाग को सौंप दिए गए हैं। 14 फरवरी तक सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर्स की बैठक में इस पर चर्चा होगी। इसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
122 करोड़ रुपये आएगी लागत
हरदोई ब्रांच पर नौ मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए लगने वाले तीन प्रोजेक्टों पर कुल मिलाकर 122 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें माधो-1 पर 46 करोड़, माधो-2 पर 39 करोड़ और डूडा पर 37 करोड़ की लागत जाएगी।
विज्ञापन
नदी और नहरों के लिए प्रसिद्ध जिले में जल विद्युत की संभावनाएं काफी प्रबल हैं। इसके लिए कई बार प्रयास हुए। जलविद्युत निगम की टीमों ने यहां के दौरे भी किए, लेकिन कागजी घोड़े दौड़ने के बाद मामला ठंडा हो गया। अब पिछले दिनों मत्स्य एवं सार्वजनिक उद्यम राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद ने शारदा सागर अथवा इससे जुड़ी नहरों से विद्युत उत्पादन शुरू कराने को प्रयास शुरू किए थे। उनकी पहल पर लखनऊ में कई निगमों के अधिकारियों ने बैठक की और काम शुरू किया। कैबिनेट से भी हरी झंडी मिलने के बाद काम में तेजी आई और बुधवार को जलविद्युत विकास निगम के एमडी विशाल चौहान ने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार हाजी रियाज अहमद, पूरनपुर विधायक पीतमराम, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव, राममूर्ति सिंह सहित तमाम नेताओं और अधिकारियों के साथ बाइफरकेशन और शारदा सागर का दौरा किया। एमडी ने बताया बाइफरकेशन के निकट हरदोई ब्रांच नहर में तीन प्रोजेक्ट क्रमश: माधो-1, माधो-2 और डूडा लगाए जाएंगे। इनसे नौ मेगावॉट बिजली का उत्पादन होगा।
विज्ञापन
एक माह में शुरू होगा काम
जल विद्युत विकास निगम के एमडी विशाल चौहान ने बताया कि निगम ने तीनों प्रोजेक्ट के अभिलेख सिंचाई विभाग को सौंप दिए गए हैं। 14 फरवरी तक सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर्स की बैठक में इस पर चर्चा होगी। इसके बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
122 करोड़ रुपये आएगी लागत
हरदोई ब्रांच पर नौ मेगावॉट बिजली उत्पादन के लिए लगने वाले तीन प्रोजेक्टों पर कुल मिलाकर 122 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें माधो-1 पर 46 करोड़, माधो-2 पर 39 करोड़ और डूडा पर 37 करोड़ की लागत जाएगी।