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Pilibhit News: रावण का वध होते ही श्रीराम की जय-जयकार
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पीलीभीत के रामलीला मैदान पर होता युद्ध की लीला का मंचन।संवाद
पीलीभीत। श्री रामलीला मेले में रविवार को रावण वध की लीला का मंचन किया गया। मंचन में रावण और श्री राम के बीच भयंकर युद्ध हुआ। बार-बार सिर कटने के बाद भी रावण की मृत्यु नहीं हुई। अंत में विभीषण के बताने पर श्री राम ने रावण की नाभि पर जैसे ही तीर मारा वह जमीन पर गिर पड़ा। इसपर श्रीराम की जय-जयकार होने लगी। इसके बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। मेले में पहुंचे राज्यमंत्री ने पत्नी के साथ श्रीराम का राजतिलक किया।
इससे पहले यहां कुंभकर्ण, मेघनाद और अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया। साथ ही दसों सिरों के प्रतीक गुब्बारे मुख्य अतिथि राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, डीएम संजय कुमार सिंह ने छोड़े।
इधर, दोपहर से ही ट्रैक्टर-ट्राॅली व मोटरसाइकिलों से लोग मेला स्थल पर पहुंचने लगे। लोगों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो इसके लिए डिग्री कॉलेज चौराहा व पूरनपुर मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतेजाम रहे। वाहनों को रेलवे क्राॅसिंग के पास ही रोक दिया गया।
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पुतला दहन के बाद रावण के ढांचे को उठाने की मची होड़
रावण का पुतला दहन होने के बाद लोग ढांचे को उठाने के लिए भागने लगे। इससे वहां पर काफी गहमागहमी रही। हालांकि पुलिस ने लोगों ने जल रहे पुतले के पास जाने नहीं दिया।
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इससे पहले यहां कुंभकर्ण, मेघनाद और अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया। साथ ही दसों सिरों के प्रतीक गुब्बारे मुख्य अतिथि राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, डीएम संजय कुमार सिंह ने छोड़े।
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इधर, दोपहर से ही ट्रैक्टर-ट्राॅली व मोटरसाइकिलों से लोग मेला स्थल पर पहुंचने लगे। लोगों को किसी तरह की कोई असुविधा न हो इसके लिए डिग्री कॉलेज चौराहा व पूरनपुर मार्ग पर सुरक्षा के विशेष इंतेजाम रहे। वाहनों को रेलवे क्राॅसिंग के पास ही रोक दिया गया।
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पुतला दहन के बाद रावण के ढांचे को उठाने की मची होड़
रावण का पुतला दहन होने के बाद लोग ढांचे को उठाने के लिए भागने लगे। इससे वहां पर काफी गहमागहमी रही। हालांकि पुलिस ने लोगों ने जल रहे पुतले के पास जाने नहीं दिया।