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Pilibhit News: आरोग्य मंदिर हुआ खंडहर में तब्दील, अराजक तत्वों का बना अड्डा
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बरखेड़ा क्षेत्र के गांव पतरसिया में बना हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर । संवाद
पीलीभीत। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी से लाखों रुपये की कीमत से बनाया गया आरोग्य मंदिर खंडहर में तब्दील हो गया है। नियमित रूप से कर्मचारी भी यहां पर नहीं पहुंच रहे है। इससे यहां के मरीजों को इसका पूरी तरह से लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ब्लॉक बरखेड़ा क्षेत्र के गांव पतरसिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2007 में हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2017 में इसी जगह पर आरोग्य आयुष्मान मंदिर का निर्माण कराया गया।
मरीजों का इसका लाभ मिल सके, इसके लिए यहां पर सीएचओ की भी तैनाती की गई। बावजूद इसके सीएचओ के नियमित रूप से नहीं पहुंचने से यहां के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। आलम यह हो गया है कि यहां के परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। शौचालय भी टूट चुका है।
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ग्रामीणों ने अपने कृषि यंत्रों को यहां पर खड़ा कर रखा है। शाम होते ही यहां पर अराजक तत्वों का आना जाना शुरू हो जाता है।
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अधिकारियों का दावा-नियमित पहुंच रही सीएचओ
अधिकारियों का दावा है कि यहां नियमित रूप से सीएचओ पहुंचते हैं। रोजाना 10 मरीजों का उपचार भी होता है। कर्मचारी भी नियमित रूप से यहां पर पहुंचते है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी लंबे समय से यहां पर कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। कमरों में गंदगी के अलावा कुछ नहीं है।
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ग्रामीणों को बढ़ी परेशानियां
आरोग्य आयुष्मान मंदिर बनने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की थी कि अब उन्हें हर छोटी बीमारी के लिए बरखेड़ा सीएचसी नहीं जाना पड़ेगा, पर ऐसा नहीं हुआ उलटे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गईं।
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सीएचओ तैनात हैं। वह रोजाना सुबह 10 से पांच बजे तक बैठती हैं। मरीजाें को रोजाना उपचार किया जा रहा है। अगर वह वहां नहीं पहुंच रहीं है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस दिया जाएगा।
- लोकेश गंगवार, सीएचसी प्रभारी बरखेड़ा
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ब्लॉक बरखेड़ा क्षेत्र के गांव पतरसिया में स्वास्थ्य विभाग की ओर से वर्ष 2007 में हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर का निर्माण कराया गया था। इसके बाद वर्ष 2017 में इसी जगह पर आरोग्य आयुष्मान मंदिर का निर्माण कराया गया।
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मरीजों का इसका लाभ मिल सके, इसके लिए यहां पर सीएचओ की भी तैनाती की गई। बावजूद इसके सीएचओ के नियमित रूप से नहीं पहुंचने से यहां के लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा। आलम यह हो गया है कि यहां के परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। शौचालय भी टूट चुका है।
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ग्रामीणों ने अपने कृषि यंत्रों को यहां पर खड़ा कर रखा है। शाम होते ही यहां पर अराजक तत्वों का आना जाना शुरू हो जाता है।
अधिकारियों का दावा-नियमित पहुंच रही सीएचओ
अधिकारियों का दावा है कि यहां नियमित रूप से सीएचओ पहुंचते हैं। रोजाना 10 मरीजों का उपचार भी होता है। कर्मचारी भी नियमित रूप से यहां पर पहुंचते है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि काफी लंबे समय से यहां पर कर्मचारी नहीं आ रहे हैं। कमरों में गंदगी के अलावा कुछ नहीं है।
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ग्रामीणों को बढ़ी परेशानियां
आरोग्य आयुष्मान मंदिर बनने से स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की थी कि अब उन्हें हर छोटी बीमारी के लिए बरखेड़ा सीएचसी नहीं जाना पड़ेगा, पर ऐसा नहीं हुआ उलटे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ गईं।
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सीएचओ तैनात हैं। वह रोजाना सुबह 10 से पांच बजे तक बैठती हैं। मरीजाें को रोजाना उपचार किया जा रहा है। अगर वह वहां नहीं पहुंच रहीं है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस दिया जाएगा।
- लोकेश गंगवार, सीएचसी प्रभारी बरखेड़ा