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Pilibhit News: बाढ़ से घटा रकबा, अब छह हजार हेक्टेयर गन्ने को नुकसान

Sun, 14 Sep 2025 11:58 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Sun, 14 Sep 2025 11:58 PM IST
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Area reduced due to flood, now six thousand hectares of sugarcane is damaged
बजाज चीनी मिल बरखेड़ा क्षेत्र में गन्ने की फसल में भरा पानी। स्रोत चीनी मिल
पीलीभीत। तेज बारिश और बाढ़ जिले के गन्ना किसानों की दुश्मन बन गई है। दो वर्षों से जिले के अधिकांश हिस्सों में आ रही बाढ़ ने गन्ना किसानों को नींद उड़ा दी है। पिछले वर्ष किसानों की करीब 10 हजार हेक्टेयर गन्ने की फसल चौपट हुई थी। इस वजह से करीब पांच हजार हेक्टेयर रकबा भी कम हो गया था। अब इस बार की बाढ़ ने छह हजार हेक्टेयर को नुकसान पहुंचाया है।
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जिले में गन्ना, धान और गेहूं प्रमुख फसलें हैं। करीब 2.36 लाख किसान गन्ने की खेती से जुड़े हैं। गन्ने की आपूर्ति पीलीभीत की एलएच चीनी मिल, बरखेड़ा की बजाज और बीसलपुर व पूरनपुर की सहकारी चीनी मिल में की जाती है। जुलाई 2024 में आई बाढ़ से जिले में करीब 10 हजार हेक्टेयर गन्ना फसल को नुकसान पहुंचा था। इसका असर जिले के चीनी उत्पादन पर पड़ा। बरखेड़ा, पूरनपुर कई चीनी मिलों का पेराई सत्र भी समय से पहले बंद हो गया। इस वर्ष के सर्वे में जिले में गन्ने का रकबा कम होने की बात सामने आई है।
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नुकसान का आंकलन कर रहे अधिकारी

इस वर्ष की बाढ़ में बरखेड़ा, बीसलपुर, पूरनपुर और शहर की एलएच चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना किसानों की फसल चौपट हुई है। सर्वे में अब तक करीब छह हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। गन्ना और राजस्व विभाग की टीमें अभी सर्वे में जुटी हैं। जिला गन्ना अधिकारी खुशीराम भार्गव ने बताया कि छह हजार हेक्टेयर से अधिक नुकसान का पता चला है। गन्ना और राजस्व कर्मी नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। पिछले वर्ष 10 हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा था।
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116 गांवों में करीब 3700 हेक्टेयर फसल में जलभराव

बजाज चीनी मिल बरखेड़ा क्षेत्र में अगस्त व सितंबर में हुई अत्यधिक वर्षा एवं देवहा, शारदा, अमेड़ी, खन्नौत एवं माला नदी में बाढ़ आने से 116 गांवों में गन्ने की लगभग 3700 हेक्टेयर फसल में अधिक जलभराव हुआ। इससे फसल में काफी नुकसान होने की संभावना है। खेतों में सिल्ट जम गई है। इससे गन्ने की पत्तियों का रंग पीला एवं सूखने जैसा हालात बन गए हैं। चीनी मिल के अनुसार आगामी पेराई सत्र में लगभग 5 से 6 लाख क्विंटल गन्ना कम उत्पादन होने का अनुमान है।
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