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अंत्योदय कार्डधारक को बना दिया राशन कोटेदार
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:14 PM IST
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मिलीभगत के चलते ब्लाक अधिकारियों ने नियम विरूद्ध तरीके से अंत्योदय राशन कार्ड धारक को राशन कोटेदार बना दिया। इसकी शिकायत मिलने पर डीसीओ ने रिपोर्ट तलब की, लेकिन तीन माह बाद भी बीडीओ मरौरी ने डीसीओ को रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है।
गरीबों के राशन पर मुफ्तखोरी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर से सटे गांव गौहनिया में कोटेदार के चयन के लिए 21 जुलाई को गांव में बैठक हुई थी। इसमें प्रधान की अनुपस्थिति में बीडीओ एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने चंद लोगों की मौजूदगी में अंत्योदय राशन कार्ड धारक को कोटेदार चुन लिया। जबकि शासनादेश के अनुसार आर्थिक रूप से समक्ष व्यक्ति कोटेदार बन सकता है। नियम विरूद्ध तरीके से हुई कोटेदार की इस नियुक्ति की शिकायत गांव वालों ने खाद्य एवं रसाद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा व डीएम से की। राज्यमंत्री एवं डीएम ने डीएसओ को जांच के आदेश दिए। डीसीओ ने जांच शुरू करने को बीडीओ मरौरी को पत्र भेजकर रिपोर्ट तलब की है लेकिन तीन माह में दो बार रिमांडर भेजने के बाद भी बीडीओ ने डीएसओ को रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है।
अंत्योदय राशन की भी होनी चाहिए जांच
गौहनिया में जिस व्यक्ति को राशन कोटा आवंटन में विभाग को अब दोहरी जांच करनी होगी। यदि संबंधित व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत है तो क्या उसका राशन कार्ड गलत तरीके से बनाया गया था। फिलहाल अंत्योदय कार्ड अथवा कोटा आवंटन दोनों में एक तो गलत है। ऐसे में तथ्य छिपाने के आरोप में कार्रवाई हो सकती है।
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गरीबों के राशन पर मुफ्तखोरी लगातार बढ़ती जा रही है। शहर से सटे गांव गौहनिया में कोटेदार के चयन के लिए 21 जुलाई को गांव में बैठक हुई थी। इसमें प्रधान की अनुपस्थिति में बीडीओ एवं ग्राम पंचायत अधिकारी ने चंद लोगों की मौजूदगी में अंत्योदय राशन कार्ड धारक को कोटेदार चुन लिया। जबकि शासनादेश के अनुसार आर्थिक रूप से समक्ष व्यक्ति कोटेदार बन सकता है। नियम विरूद्ध तरीके से हुई कोटेदार की इस नियुक्ति की शिकायत गांव वालों ने खाद्य एवं रसाद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा व डीएम से की। राज्यमंत्री एवं डीएम ने डीएसओ को जांच के आदेश दिए। डीसीओ ने जांच शुरू करने को बीडीओ मरौरी को पत्र भेजकर रिपोर्ट तलब की है लेकिन तीन माह में दो बार रिमांडर भेजने के बाद भी बीडीओ ने डीएसओ को रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है।
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अंत्योदय राशन की भी होनी चाहिए जांच
गौहनिया में जिस व्यक्ति को राशन कोटा आवंटन में विभाग को अब दोहरी जांच करनी होगी। यदि संबंधित व्यक्ति आर्थिक रूप से मजबूत है तो क्या उसका राशन कार्ड गलत तरीके से बनाया गया था। फिलहाल अंत्योदय कार्ड अथवा कोटा आवंटन दोनों में एक तो गलत है। ऐसे में तथ्य छिपाने के आरोप में कार्रवाई हो सकती है।
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