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Pilibhit News: डीआईओएस कार्यालस घोटाला मामले में दो महिलाओं सहित तीन को अग्रिम जमानत
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पीलीभीत। डीआईओएस कार्यालय में हुए करोड़ों रुपये के घोटाला मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र कुमार ने दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। इनमें नुसरत जमाल, नूरी रजा और मुदस्सिर खान शामिल हैं। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद कुछ शर्तों के साथ यह फैसला सुनाया।
नुसरत जमाल पूरनपुर के बमनपुरी मोहल्ले की निवासी हैं। नूरी रजा भी इसी मोहल्ले की रहने वाली हैं। मुदस्सिर खान कोतवाली क्षेत्र के मोहतशिम खा मोहल्ले से हैं। इन तीनों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि वे डीआईओएस कार्यालय घोटाला में दर्ज केस में नामजद अभियुक्त नहीं हैं। विवेचना के दौरान भी उनका नाम सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका थी। अभियोजन पक्ष ने उनकी जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
आरोपियों ने अदालत को बताया कि पुलिस जांच में भी उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर सकती है। इस आधार पर उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से पहले ही जमानत मांगी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। संवाद
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नुसरत जमाल पूरनपुर के बमनपुरी मोहल्ले की निवासी हैं। नूरी रजा भी इसी मोहल्ले की रहने वाली हैं। मुदस्सिर खान कोतवाली क्षेत्र के मोहतशिम खा मोहल्ले से हैं। इन तीनों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्होंने अपनी याचिका में कहा कि वे डीआईओएस कार्यालय घोटाला में दर्ज केस में नामजद अभियुक्त नहीं हैं। विवेचना के दौरान भी उनका नाम सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उन्हें पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की आशंका थी। अभियोजन पक्ष ने उनकी जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
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आरोपियों ने अदालत को बताया कि पुलिस जांच में भी उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस उन्हें बेवजह गिरफ्तार कर सकती है। इस आधार पर उन्होंने अपनी गिरफ्तारी से पहले ही जमानत मांगी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया। संवाद
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