{"_id":"add4b15672c53f2fbc01ea9c0ada353e","slug":"anshan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनशन कर रहे प्रधान ने वापस किया दूध और भोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनशन कर रहे प्रधान ने वापस किया दूध और भोजन
पीलीभीत।
Updated Sun, 08 Mar 2015 10:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनशन के दौरान तबियत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराए गए प्रधान एवं ग्रामीणों ने रविवार को अस्पताल की ओर से भेजा गया दूध और खाना वापस कर दिया। वहीं शनिवार रात एसडीएम सदर ने अस्पताल पहुंचकर समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रधान नहीं मान।
गांव के विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रशासन ने ललौरीखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत गोंछ के प्रधान श्यामलाल के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। इसके विरोध में प्रधान एवं ग्रामीणों ने दो मार्च से विकास भवन में अनशन शुरू किया था। अनशन के दौरान शुक्रवार शाम को तबियत बिगड़ने पर प्रधान एवं नौ ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जबकि चार ग्रामीण अनशन स्थल पर बैठे रहे। शनिवार रात चारों को भी जिला अस्पताल भेज दिया गया।
रात को एसडीएम सदर रामप्रकाश ने कोतवाल अतुल प्रधान के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर ग्राम प्रधान से वार्ता की लेकिन प्रधान अधिकार बहाल होने से पहले अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। रविवार को सुबह अनशनकारियों ने अस्पताल के दूध और खाना लेने से मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव के विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाकर प्रशासन ने ललौरीखेड़ा ब्लाक की ग्राम पंचायत गोंछ के प्रधान श्यामलाल के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। इसके विरोध में प्रधान एवं ग्रामीणों ने दो मार्च से विकास भवन में अनशन शुरू किया था। अनशन के दौरान शुक्रवार शाम को तबियत बिगड़ने पर प्रधान एवं नौ ग्रामीणों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था जबकि चार ग्रामीण अनशन स्थल पर बैठे रहे। शनिवार रात चारों को भी जिला अस्पताल भेज दिया गया।
विज्ञापन
रात को एसडीएम सदर रामप्रकाश ने कोतवाल अतुल प्रधान के साथ जिला अस्पताल पहुंचकर ग्राम प्रधान से वार्ता की लेकिन प्रधान अधिकार बहाल होने से पहले अनशन खत्म करने को तैयार नहीं हुए। रविवार को सुबह अनशनकारियों ने अस्पताल के दूध और खाना लेने से मना कर दिया।
विज्ञापन