Amritpal: जिस गाड़ी से फगवाड़ा पहुंचा था अमृतपाल, उसे इस्तेमाल कर रहा था सेवादार जोगा सिंह, दोनों साथ गए पंजाब
पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे का सेवादार जोगा सिंह करीब छह माह पहले पंजाब से यहां आए थे। इससे पहले वह पंजाब के सानेवाल डेरे में करीब 15 साल तक रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब के फगवाड़ा में जिस स्कार्पियो गाड़ी से खालिस्तान समर्थक अमृतपाल के पहुंचने की बात सामने आ रही है, वह पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे के सेवादार जोगा सिंह इस्तेमाल कर रहे थे। यह दावा बड़ेपुरा स्थित गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने किया है।
बाबा मोहन सिंह का कहना है कि यह गाड़ी भले ही मेरे नाम पंजीकृत है, मगर इसे पिछले चार माह से जोगा सिंह इस्तेमाल कर रहे थे। चार दिन पहले ही जोगा सिंह पंजाब जाने की बात कहकर गए थे। चर्चा है कि जोगा सिंह और उनका चालक गुरवंत सिंह पंजाबी पुलिस की हिरासत में है।
पंजाब के फगवाड़ा में बुधवार को एक स्कॉर्पियो बरामद हुई थी। जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर उत्तराखंड का था। गाड़ी पीलीभीत जनपद के अमरिया स्थित बड़ेपुरा गुरुद्वारे के मुख्यग्रंथी बाबा मोहन सिंह के नाम पर पंजीकृत थी।
खुफिया एजेंसियों को पता चला कि अमृतपाल इसी गाड़ी में सवार होकर पंजाब तक पहुंचा था। इसके बाद से ही पुलिस ने छानबीन शुरू की। पंजाब पुलिस यहां पहुंची। बुधवार रात को अमरिया पुलिस सच्चाई जानने बड़ेपुरा गुरुद्वारे पहुंची तो बाबा मोहन सिंह नहीं मिले।
इस बीच बृहस्पतिवार सुबह को मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह मीडिया के सामने आए। उन्होंने इस पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि यह गाड़ी वर्ष 2018 में ली थी जो की गुरुद्वारे की सेवा में चलती थी।
गुरुद्वारे में और भी 20-25 गाड़ियां हैं। जो सेवा में इस्तेमाल की जाती है। इस गाड़ी को करीब चार माह पूर्व पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे के सेवादार जोगा सिंह को सेवा कार्य के लिए दे दिया गया था। तब से गाड़ी जोगा सिंह के पास ही थी।
उन्होंने कहा कि चार दिन पहले फोन पर हुई बातचीत में जोगा सिंह ने बताया था कि वह कार लेकर सेवा में पंजाब जा रहे हैं। उसके बाद से जोगा सिंह से कोई संपर्क नहीं हो सका। उनका मोबाइल भी बंद आ रहा है। सोशल मीडिया से पता चला है कि यह गाड़ी पंजाब में बरामद की गई है। इससे अमृतपाल पंजाब गया था।
पंजाब पुलिस पहुंची मोहनापुर
गुरुवार को पंजाब पुलिस मोहनापुर गांव पहुंची। यहां पुलिस ने जोगा सिंह की गाड़ी के चालक गुरवंत सिंह के पिता गुरमीत सिंह से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि चार-पांच माह पहले ही वह पंजाब से यहां आए हैं। बेटा गुरवंत गुरुद्वारे में गाड़ी चलाता है।
गुरमीत सिंह ने बेटे के बारे में पूछा तो पुलिस ने बताया कि वह पंजाब पुलिस के पास है। टीम ने गुरमीत सिंह की फोन पर गुरवंत से बातचीत भी कराई। वहीं बड़ेपुरा गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी मोहन सिंह ने पुलिस टीम को बताया कि न तो वह अमृतपाल को जानते हैं न ही उन्होंने कभी उसे देखा है। पिछले तीस साल से सेवा कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र के नादेड़ में गुरुद्वारे का मुख्य कार्यालय है। वह महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश में भी रहे हैं।
पंजाब का ही रहने वाला है सेवादार जोगा सिंह
मुख्य ग्रंथी बाबा मोहन सिंह ने बताया कि पूरनपुर के मोहनापुर गुरुद्वारे का सेवादार जोगा सिंह करीब छह माह पहले पंजाब से यहां आए थे। इससे पहले वह पंजाब के सानेवाल डेरे में करीब 15 साल तक रहे। जोगा सिंह और अमृतपाल के आपसी कनेक्शन को लेकर उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। यह भी बताया कि अमृतपाल, जोगा सिंह के साथ कार में सवार होकर गया या नहीं या फिर किस तरह से दोनों में आपसी कनेक्शन हुआ इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।