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अमरिया की बाघ गणना का जल्द होगा खुलासा
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पीलीभीत। अमरिया क्षेत्र में प्रवास कर रहे बाघों की संख्या का खुलासा जल्द होगा। विश्व प्रकृति निधि (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने बाघों की गणना को लेकर लगाए 100 कैमरे अब वापस मंगा लिए हैं। अब कैमरों की फुटेज का विश्लेषण जारी है।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लगभग 18 किमी दूर और उत्तराखंड के पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज से 20 किमी दूर अमरिया में पिछले आठ सालों से दस से अधिक बाघ प्रवास कर रहे हैं। यहां बाघों का कुनबा ड्यूनी डैम, कैलाश नदी और देवहा नदी की डबरी समेत खेतों में डेरा जमाए हुए हैं।
यहां बता दें कि बाघ उत्तराखंड से यहां के गन्ने के खेतों को कॉरीडोर के रूप के इस्तेमाल करते आ रहे हैं। लंबे समय से बाघों की गणना की जरूरत भी महसूस की जा रही थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद करीब दो माह पहले डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा बाघ गणना को लेकर उत्तराखंड तक सौ कैमरे लगवाए गए थे। इस बीच यहां छह कैमरे चोरी भी हो चुके हैं। उधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने लगाए गए कैमरों को अब खोल लिया है। कैमरों में कैद फुटेज का विश्लेषण जारी है। बताते हैं कि जल्द ही अमरिया में प्रवास कर रहे बाघों की संख्या का पहली बार खुलासा हो सकेगा।
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विश्व प्रकृति निधि द्वारा अमरिया क्षेत्र में बाघों की गणना को लेकर सौ कैमरे लगवाए गए थे। सभी कैमरों को खोलकर उसमें कैद फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही बाघों की संख्या का खुलासा किया जाएगा।
- नरेश कुमार, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व से लगभग 18 किमी दूर और उत्तराखंड के पूर्वी वन प्रभाग के सुरई रेंज से 20 किमी दूर अमरिया में पिछले आठ सालों से दस से अधिक बाघ प्रवास कर रहे हैं। यहां बाघों का कुनबा ड्यूनी डैम, कैलाश नदी और देवहा नदी की डबरी समेत खेतों में डेरा जमाए हुए हैं।
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यहां बता दें कि बाघ उत्तराखंड से यहां के गन्ने के खेतों को कॉरीडोर के रूप के इस्तेमाल करते आ रहे हैं। लंबे समय से बाघों की गणना की जरूरत भी महसूस की जा रही थी। उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद करीब दो माह पहले डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा बाघ गणना को लेकर उत्तराखंड तक सौ कैमरे लगवाए गए थे। इस बीच यहां छह कैमरे चोरी भी हो चुके हैं। उधर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने लगाए गए कैमरों को अब खोल लिया है। कैमरों में कैद फुटेज का विश्लेषण जारी है। बताते हैं कि जल्द ही अमरिया में प्रवास कर रहे बाघों की संख्या का पहली बार खुलासा हो सकेगा।
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विश्व प्रकृति निधि द्वारा अमरिया क्षेत्र में बाघों की गणना को लेकर सौ कैमरे लगवाए गए थे। सभी कैमरों को खोलकर उसमें कैद फुटेज का विश्लेषण किया जा रहा है। जल्द ही बाघों की संख्या का खुलासा किया जाएगा।
- नरेश कुमार, वरिष्ठ परियोजना अधिकारी, विश्व प्रकृति निधि