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Pilibhit News: सारे जतन फेल, बाजार भाव ने सरकारी खरीद का निकाला दम

Mon, 12 Jun 2023 11:50 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 11:50 PM IST
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All efforts failed, the market price took out the power of government procurement
पीलीभीत। सरकारी क्रय केंद्रों पर तमाम दुश्वारियां झेल चुके किसानों को क्रय केंद्र तक लाने के प्रशासन के सारे जतन इस बार भी फेल हो गए। मंडी में अच्छा भाव और नकद भुगतान मिलने की वजह से किसानों ने क्रय केंद्र के झंझट में पड़ना मुनासिब नहीं समझा, इससे इस साल गेहूं खरीद का आंकड़ा एक फीसदी तक को पार नहीं कर सका। अब 15 जून को क्रय केंद्र बंद हो जाएंगे।
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जिले में किसानों से गेहूं खरीदने के लिए इस बार 138 क्रय केंद्र खोले गए थे। शुरू से ही सरकारी खरीद पर बाजार के भाव ने ग्रहण लगा दिया था। कई केंद्रों पर खरीद का खाता नहीं खुल सका था। राइस मिलर्स के साथ बैठक के बाद ही केंद्रों का खाता खुलना शुरू हुआ मगर खरीद में तेजी नहीं आई। प्रशासन का यह प्रयास सफल नहीं हुआ तो खरीद को गति देने के लिए एसडीएम से लेकर लेखपाल तक को लगाया गया।
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आदेश दिए गए कि गांव में जाकर किसानों से मौके पर खरीद करें। प्रशासन का यह जतन भी काम नहीं आया क्योंकि प्रशासन ने जब तक यह फैसला लिया तब तक अधिकांश किसान अपना गेहूं बेच चुके थे और जिनके पास है वह मंडी में भाव बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं।
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अब तीन दिन बाद गेहूं की सरकारी खरीद पर विराम लग जाएगा। आकड़ों की बात करें तो जिले में इस बार .91 फीसदी ही सरकारी खरीद हो सकी है। हालांकि अधिकारी अंतिम समय में भी खरीद का आकड़ा 1 प्रतिशत से पार करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन सफल होते नहीं दिखाई दे रहे हें।

पांच केंद्रों पर एक दाना भी नहीं खरीदा गया
गेहूं की सरकारी खरीद के लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीएसएस, पीसीयू, नेफेड और भारतीय खाद्य निगम एजेंसी के 138 क्रय केंद्र संचालित किए गए थे। इसमें अन्य एजेंसी के सेंटरों पर तो खरीद होने लगी थी लेकिन भारतीय खाद्य निगम के 12 सेंटरों में खोले गए नौ क्रय केंद्रों के पांच पर एक दाने की भी खरीद नहीं हो सकी। यहां पर निल खरीद ही लगातार दर्ज हुई है। इस संस्था को 7000 एमटी का लक्ष्य दिया गया था।

अब तक इतनी हुई खरीद
इस बार जिले को शासन की ओर से 2.31 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष अब तक 2111.85 एमटी की ही खरीद हुई है। यह खरीद आकड़ों में .91 प्रतिशत है। खरीद को करने के लिए खाद्य विभाग और नेफेड ने ही थोड़ा बहुत जोर लगाया है।

मंडी में 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका गेहूं
शासन इस बार गेहूं का सरकारी भाव 2125 रुपये प्रति क्विंटल तय किया था। बाजार भाव ने शुरुआती दौर से ही इसे दबाना शुरू कर दिया था। मंडी में जब किसान गेहूं लेकर आए तो 2200 सौ रुपये से अधिक का खुली बोली में भाव दिया गया। यह भाव बढ़कर अंतिम समय में 2500 से 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया था। ऐसे में किसानों का सरकारी केंद्रों की ओर से मोह भंग हो गया।


सरकारी खरीद 15 जून तक संचालित होगी। इस बार सभी 138 केंद्रों पर .91 प्रतिशत खरीद ही हो सकी है। अब जिले में भी गेहूं नहीं रह गया है। गांवों में हालांकि अभी टीम लगी हुई है। - वीके शुक्ला, डिप्टी आरएमओ
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