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Pilibhit News: शिक्षा, व्यापार और स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा रहा एआई
Fri, 30 Jan 2026 11:20 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 30 Jan 2026 11:20 PM IST
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उपाधि महाविद्यालय में हुई कार्यशाला में मौजूद लोग स्रोत शिक्षक
पीलीभीत। शहर के उपाधि महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग की कार्यशाला में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का महत्व बताया गया। इसमें ''''आज की आवश्यकता, कल की चुनौती'''' विषय पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर किया गया। डॉ. अमित कुमार ने कार्यशाला के विषय पर प्रकाश डाला।
मुख्य वक्ता एआई विशेषज्ञ नेहा पंत जोशी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज केवल तकनीक तक सीमित नहीं है। शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य एवं प्रशासन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रोजगार के लिए खतरा न मानकर अवसर के रूप में देखें। एआई विशेषज्ञ निर्मल राजपूत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग किए जाने पर एआई समाज के विकास का सशक्त माध्यम बन सकता है।
प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने वाणिज्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय आगे भी इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। सूर्य प्रकाश, शिक्षक जितेंद्र नाथ मिश्रा, वाणिज्य विभाग के प्रभारी प्रोफेसर विनय कुमार गर्ग, बी कॉम के छात्र-छात्राओं श्रेया सैनी, पावनी शर्मा, माही शर्मा, नितेश वर्मा, श्रेयस शर्मा, लक्ष्य शर्मा एवं अनीशा ने भी विचार रखे। कार्यशाला में प्रोफेसर प्रणव शर्मा, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. दुर्गेश धर द्विवेदी, डॉ. कविता, डॉ. शैफाली, प्रोफेसर विपिन नीरज आदि मौजूद रहे।
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मुख्य वक्ता एआई विशेषज्ञ नेहा पंत जोशी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आज केवल तकनीक तक सीमित नहीं है। शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य एवं प्रशासन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे कृत्रिम बुद्धिमत्ता को रोजगार के लिए खतरा न मानकर अवसर के रूप में देखें। एआई विशेषज्ञ निर्मल राजपूत ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग के साथ नैतिकता और मानवीय मूल्यों का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। विवेकपूर्ण ढंग से उपयोग किए जाने पर एआई समाज के विकास का सशक्त माध्यम बन सकता है।
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प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने वाणिज्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय आगे भी इस तरह के ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा। सूर्य प्रकाश, शिक्षक जितेंद्र नाथ मिश्रा, वाणिज्य विभाग के प्रभारी प्रोफेसर विनय कुमार गर्ग, बी कॉम के छात्र-छात्राओं श्रेया सैनी, पावनी शर्मा, माही शर्मा, नितेश वर्मा, श्रेयस शर्मा, लक्ष्य शर्मा एवं अनीशा ने भी विचार रखे। कार्यशाला में प्रोफेसर प्रणव शर्मा, डॉ. दिवाकर सिंह, डॉ. दुर्गेश धर द्विवेदी, डॉ. कविता, डॉ. शैफाली, प्रोफेसर विपिन नीरज आदि मौजूद रहे।
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