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कृषि अपशिष्ट जलाए तो होगा जुर्माना
पीलीभ्ाीत ब्यूराो
Updated Mon, 20 Mar 2017 11:13 PM IST
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फसल कटने के बाद अब उसके अवशेषों को जलाना किसानों के लिए महंगा साबित हो सकता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इसपर सख्ती करते हुए आदेश जारी किया है। इसके तहत कृषि अवशेष जलाने पर जुर्माना वसूला जाएगा। वहीं यदि किसान फसल अवशेष से कम्पोस्ट बनाना चाहते हैं तो इसके लिए मनरेगा से गड्ढ़े बनाए जाएंगे।
पूरे प्रदेश में फसलों की कटाई के बाद किसान उसके अवशेष के रूप में बची पताई, नरई अथवा पुआल आदि में आग लगा देते हैं। इससे जमीन में मौजूद लाभकारी वैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति भी क्षीण हो जाती है। इन सबसे भी अधिक नुकसान पर्यावरण को होता है। फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर पिछले दिनों एनजीटी ने आदेश जारी किए हैं। वर्धमान कौशिक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और विक्रांत कुमार तोगाड़ बनाम एन्वायरमेंट पॉल्यूशन अथारिटी की रिट पर हुए निर्णय के बाद एनजीटी द्वारा जारी इस आदेश पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश का अनुपालन कराने को कहा है। इस आदेश के अनुसार कृषि अपशिष्ट को जलाने पर जुर्माना लगेगा।
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एकड़ के अनुसार होगा जुर्माना निर्धारण
दो एकड़ से कम क्षेत्रफल पर पहली बार आग लगाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना देना होगा जबकि दो से पांच एकड़ पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इससे अधिक क्षेत्रफल होने पर इसी के अनुसार गणना होगी।
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कम्पोस्ट बनाने को मनरेगा से बनेंगे गड्ढे
खेतों के अवशेष में आग न लगाकर उनसे कम्पोस्ट बनाया जा सकता है। इसके लिए यदि किसान अपने खेतों में गड्ढ़े बनवाना चाहते हैं तो मनरेगा से श्रमिक उपलब्ध कराए जाएंगे।
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एनजीटी के आदेश के साथ मुख्य सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है। इसके आधार कृषि एवं इससे जुड़े अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों को भेजकर अनुपालन कराने को सर्कुलर जारी किया गया है।
- मासूम अली सरवर, डीएम
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पूरे प्रदेश में फसलों की कटाई के बाद किसान उसके अवशेष के रूप में बची पताई, नरई अथवा पुआल आदि में आग लगा देते हैं। इससे जमीन में मौजूद लाभकारी वैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं साथ ही खेत की उर्वरा शक्ति भी क्षीण हो जाती है। इन सबसे भी अधिक नुकसान पर्यावरण को होता है। फसल अवशेष जलाने से होने वाले नुकसान को लेकर पिछले दिनों एनजीटी ने आदेश जारी किए हैं। वर्धमान कौशिक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया और विक्रांत कुमार तोगाड़ बनाम एन्वायरमेंट पॉल्यूशन अथारिटी की रिट पर हुए निर्णय के बाद एनजीटी द्वारा जारी इस आदेश पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर आदेश का अनुपालन कराने को कहा है। इस आदेश के अनुसार कृषि अपशिष्ट को जलाने पर जुर्माना लगेगा।
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एकड़ के अनुसार होगा जुर्माना निर्धारण
दो एकड़ से कम क्षेत्रफल पर पहली बार आग लगाने पर ढाई हजार रुपये जुर्माना देना होगा जबकि दो से पांच एकड़ पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगेगा। इससे अधिक क्षेत्रफल होने पर इसी के अनुसार गणना होगी।
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कम्पोस्ट बनाने को मनरेगा से बनेंगे गड्ढे
खेतों के अवशेष में आग न लगाकर उनसे कम्पोस्ट बनाया जा सकता है। इसके लिए यदि किसान अपने खेतों में गड्ढ़े बनवाना चाहते हैं तो मनरेगा से श्रमिक उपलब्ध कराए जाएंगे।
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एनजीटी के आदेश के साथ मुख्य सचिव का पत्र प्राप्त हुआ है। इसके आधार कृषि एवं इससे जुड़े अधिकारियों के अलावा अन्य अधिकारियों को भेजकर अनुपालन कराने को सर्कुलर जारी किया गया है।
- मासूम अली सरवर, डीएम