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बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान, प्रशासन कराएगा आकलन
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जिले में दो दिन से हो रही बारिश से धान के खेत में भरा पानी। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। बारिश से धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है। जो धान खेतों में काटकर रखा गया था उसका दाना काला पड़ने और कुटाई के दौरान चावल अधिक मात्रा में टूटने के आसार हैं। पिछले दो दिनों में 70 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार को भी मौसम खराब रहने की संभावना है। डीएम ने सभी एसडीएम को बारिश रुकने के बाद नुकसान हुई धान की फसल का आंकलन कराने के निर्देश दिए है।
जिले में रविवार शाम से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से धान की तैयार फसल एवं ताजा बोई गई मटर की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। जलभराव होने के बाद हवा से गिरी गन्ने की फसल को भी नुकसान है। तहसील अमरिया क्षेत्र में धान कटाई का कार्य तेजी से चल रहा था। रविवार की शाम तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान की कटाई ठप हो गई। जलभराव हो जाने से नुकसान है। आफत बनकर आई बरसात ने किसानों के चेहरे की खुशी छीन ली है। रुक-रुक कर हो रही तेज बरसात से खेतों में धान की फसल में पानी भर गया है। मंडियों में धान की फसल को भी नुकसान होने का भय बना हुआ। लगातार हो रही बारिश से फसलें जलमग्न और बर्बाद होने की कगार पर हैं । वही अभी बीते कुछ दिन से किसानों ने सरसों की बुआई की गई है जिसे भारी नुकसान पहुंचा है उधर धान की फसल काटकर गन्ने की बुआई करने वाले किसानों को काफी बड़ा झटका लगा है। वही बारिश से शहर के स्टेशन रोड, सुगनढ़ी, डालचंद, साहूकारा समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थित बन गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि बारिश अभी मंगलवार को और होगी। पिछले दो दिनों में 70 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इन दिनों खेतों में खड़ी धान की फसल को दस फीसदी और खेतों में काटकर डाली गई फसल को 40 फीसदी तक नुकसान है।
बीसलपुर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) बसंतलाल ने बताया कि रविवार और सोमवार को हुई बेमौसम बारिश से इस ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लगभग 90 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को पत्र भेजकर लेखपालों से धान की फसल में हुई क्षति का आकलन कराया जाएगा।
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पांचों तहसीलों के एसडीएम को निर्देश जारी किए गए है। बारिश रुकने के बाद नुकसान हुई धान की फसल का आकलन कराएं। किसानों का जो भी नुकसान हुआ है। उसके दैवीय आपदा के तहत मुआवजा दिलाया जाएगा। फसल बीमा का मुआवजा भी सर्वे के बाद ही मिलता है। - पुलकित खरे, डीएम
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जिले में रविवार शाम से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से धान की तैयार फसल एवं ताजा बोई गई मटर की खेती को भारी नुकसान पहुंचा है। जलभराव होने के बाद हवा से गिरी गन्ने की फसल को भी नुकसान है। तहसील अमरिया क्षेत्र में धान कटाई का कार्य तेजी से चल रहा था। रविवार की शाम तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से धान की कटाई ठप हो गई। जलभराव हो जाने से नुकसान है। आफत बनकर आई बरसात ने किसानों के चेहरे की खुशी छीन ली है। रुक-रुक कर हो रही तेज बरसात से खेतों में धान की फसल में पानी भर गया है। मंडियों में धान की फसल को भी नुकसान होने का भय बना हुआ। लगातार हो रही बारिश से फसलें जलमग्न और बर्बाद होने की कगार पर हैं । वही अभी बीते कुछ दिन से किसानों ने सरसों की बुआई की गई है जिसे भारी नुकसान पहुंचा है उधर धान की फसल काटकर गन्ने की बुआई करने वाले किसानों को काफी बड़ा झटका लगा है। वही बारिश से शहर के स्टेशन रोड, सुगनढ़ी, डालचंद, साहूकारा समेत कई मोहल्लों में जलभराव की स्थित बन गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि बारिश अभी मंगलवार को और होगी। पिछले दो दिनों में 70 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। इन दिनों खेतों में खड़ी धान की फसल को दस फीसदी और खेतों में काटकर डाली गई फसल को 40 फीसदी तक नुकसान है।
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बीसलपुर सहायक विकास अधिकारी (कृषि) बसंतलाल ने बताया कि रविवार और सोमवार को हुई बेमौसम बारिश से इस ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांवों के लगभग 90 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि तहसीलदार को पत्र भेजकर लेखपालों से धान की फसल में हुई क्षति का आकलन कराया जाएगा।
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पांचों तहसीलों के एसडीएम को निर्देश जारी किए गए है। बारिश रुकने के बाद नुकसान हुई धान की फसल का आकलन कराएं। किसानों का जो भी नुकसान हुआ है। उसके दैवीय आपदा के तहत मुआवजा दिलाया जाएगा। फसल बीमा का मुआवजा भी सर्वे के बाद ही मिलता है। - पुलकित खरे, डीएम