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50 विंक्टल गेहूं खरीद की बाध्यता से गुस्साए किसान, जमकर हंगामा
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पूरनपुर (पीलीभीत)। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में अनियमितताओं को लेकर किसान परेशान हैं। एक दिन में 50 क्विंटल गेहूं खरीदे जाने से किसानों को कई दिन क्रय केंद्रों पर रुकना पड़ रहा है। इसको लेकर सोमवार को फिर किसानों ने पूरनपुर मंडी स्थित क्रय केंद्र पर हंगामा किया। इसकी सूचना मिलने पर पहुंचे डिप्टी आरएमओ ने ने सप्ताह में चार दिन 50 क्विंटल प्रति किसान और दो दिन क्रय केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को पूरा गेहूं खरीदने का आश्वासन दिया। कहीं तब जाकर किसान शांत हुए। डिप्टी आरएमओ ने मंडी समिति के खरीद केंद्रों को दोबारा शुरू कराने, गुड़ मंडी और देहात के चार केंद्रों को मंडी में शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया।
क्रय केंद्रों पर तौल धीमी होने से पूरनपुर मंडी समिति गेट के बाहर गेहूं से लदे वाहनों की सोमवार को फिर लाइनें लग गई। इसकी वजह यह है कि ग्रामीण इलाकों में लगे अधिकांश क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मंडी समिति में आठ गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए थे, जिनमें तीन को कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया था। अफसरों ने एक दिन में एक किसान से केवल 50 क्विंटल गेहूं खरीद की बाध्यता कर दी गई है। इससे गेहूं लेकर जाने वाले किसानों को कई दिन क्रय केंद्र पर रुकना पड़ता है।
प्रति किसान 50 क्विंटल गेहूं लेने की बाध्यता के विरोध में सोमवार को अन्नादाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान मंडी पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि किसानों को गेहूं खरीद के नाम पर परेशान किया जा रहा है। जबकि गेहूं खरीद केंद्रों पर सांठगांठ के चलते माफियाओं का गेहूं रिकार्ड में चढ़ाना शुरू कर दिया है। हंगामे की सूचना पर मंडी पहुंचे डिप्टी आरएमओ डॉ. अवनीश झा ने हंगामा कर रहे किसानों को बमुश्किल शांत किया। हंगामा कर रहे किसान 50 क्विंटल वजन की बाध्यता समाप्त करने की मांग पर अड़े थे। डिप्टी आरएमओ ने किसानों को सप्ताह में दो दिन 50 क्विंटल वजन की बाध्यता समाप्त करने, मंडी समिति में खरीद केंद्र बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान शांत हो गए।
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खरीद केंद्र बंद होने से परेशान है किसान
गांवों में लगे क्रय केंद्र अचानक बंद कर देने से किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि पहले पंचायत चुनाव की व्यस्तता और बाद बारिश होने पर गेहूं भीगने के डर से किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र नहीं गए। अचानक केंद्र बंद कर दिए जाने से गेहूं बिक्री के लिए किसानों को कई किमी दूर मंडी समिति जाना पड़ रहा है।
मंडी समिति में आठ गेहूं खरीद केंद्र लगाए गए थे। विभिन्न एजेंसियों के तीन खरीद केंद्र बंद हो गए थे। इन केंद्रों पर फिर खरीद शुरू करा दी गई है। गुड़ मंडी में लगे तीन और गांवों के चार खरीद केंद्रों को मंडी में लगवाया जा रहा है। सोमवार से बृहस्पतिवार तक एक दिन में एक किसान से 50 क्विंटल गेहूं खरीदा जाएगा। शुक्रवार और शनिवार को क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों के पूरे गेहूं खरीदे जाएंगे। गांवों के जिन खरीद केंद्रों पर किसानों के गेहूं के ढेर लगे है। उनकी सूची तैयार कराकर गेहूं की तौल कराई जाएगी। - अवनीश झा, डिप्टी आरएमओ
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क्रय केंद्रों पर तौल धीमी होने से पूरनपुर मंडी समिति गेट के बाहर गेहूं से लदे वाहनों की सोमवार को फिर लाइनें लग गई। इसकी वजह यह है कि ग्रामीण इलाकों में लगे अधिकांश क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। मंडी समिति में आठ गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए थे, जिनमें तीन को कुछ दिन पहले बंद कर दिया गया था। अफसरों ने एक दिन में एक किसान से केवल 50 क्विंटल गेहूं खरीद की बाध्यता कर दी गई है। इससे गेहूं लेकर जाने वाले किसानों को कई दिन क्रय केंद्र पर रुकना पड़ता है।
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प्रति किसान 50 क्विंटल गेहूं लेने की बाध्यता के विरोध में सोमवार को अन्नादाता किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष मनप्रीत सिंह के नेतृत्व में तमाम किसान मंडी पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि किसानों को गेहूं खरीद के नाम पर परेशान किया जा रहा है। जबकि गेहूं खरीद केंद्रों पर सांठगांठ के चलते माफियाओं का गेहूं रिकार्ड में चढ़ाना शुरू कर दिया है। हंगामे की सूचना पर मंडी पहुंचे डिप्टी आरएमओ डॉ. अवनीश झा ने हंगामा कर रहे किसानों को बमुश्किल शांत किया। हंगामा कर रहे किसान 50 क्विंटल वजन की बाध्यता समाप्त करने की मांग पर अड़े थे। डिप्टी आरएमओ ने किसानों को सप्ताह में दो दिन 50 क्विंटल वजन की बाध्यता समाप्त करने, मंडी समिति में खरीद केंद्र बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद किसान शांत हो गए।
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खरीद केंद्र बंद होने से परेशान है किसान
गांवों में लगे क्रय केंद्र अचानक बंद कर देने से किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि पहले पंचायत चुनाव की व्यस्तता और बाद बारिश होने पर गेहूं भीगने के डर से किसान गेहूं लेकर क्रय केंद्र नहीं गए। अचानक केंद्र बंद कर दिए जाने से गेहूं बिक्री के लिए किसानों को कई किमी दूर मंडी समिति जाना पड़ रहा है।
मंडी समिति में आठ गेहूं खरीद केंद्र लगाए गए थे। विभिन्न एजेंसियों के तीन खरीद केंद्र बंद हो गए थे। इन केंद्रों पर फिर खरीद शुरू करा दी गई है। गुड़ मंडी में लगे तीन और गांवों के चार खरीद केंद्रों को मंडी में लगवाया जा रहा है। सोमवार से बृहस्पतिवार तक एक दिन में एक किसान से 50 क्विंटल गेहूं खरीदा जाएगा। शुक्रवार और शनिवार को क्रय केंद्र पहुंचने वाले किसानों के पूरे गेहूं खरीदे जाएंगे। गांवों के जिन खरीद केंद्रों पर किसानों के गेहूं के ढेर लगे है। उनकी सूची तैयार कराकर गेहूं की तौल कराई जाएगी। - अवनीश झा, डिप्टी आरएमओ