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एसपी कार्यालय के बाहर सीओ ने दबोचा बलवे का आरोपी
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पीलीभीत। धार्मिक स्थल बनाने के शक में विरोध के बाद हुए विवाद और पथराव के मामले में कोतवाली पुलिस जिस आरोपी को पकड़ने में लंबे समय से सफल नहीं हो पा रही थी, वह पुलिस लाइन में बेखौफ एसपी कार्यालय के बाहर खड़ा मिल गया। उस पर नजर पड़ते ही सीओ सिटी ने वहीं से उसे धर दबोचा। उसे छुड़ाने के लिए कई सफेदपोशों और धार्मिक नेताओं की ओर से सिफारिशों का सिलसिला शुरू हो गया।
घटना 28 मई की शाम हुई थी। मिश्रित आबादी वाले मोहल्ला देशनगर गौड़ी निवासी कुलदीप यादव के मकान के बाहर दीवार निर्माण कराए जाने पर दूसरे पक्ष ने धार्मिक स्थल बनाने का शक जताते हुए विरोध किया था। दूसरे पक्ष की ओर से लॉकडाउन में कानून व्यवस्था को धता बताकर हमला करते हुए पथराव किया गया था। इस मामले में कुलदीप की तहरीर पर 18 बलवाइयों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इनमें चार महिलाएं 29 मई को जेल भी भेज दी गई थीं। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए अब भी घटनास्थल पर पुलिस बल की तैनाती चल रही है।
इस मामले में अन्य फरार हमलावरों की धरपकड़ में पुलिस अभी कामयाब नहीं हो पाई थी। हमलावरों के घरों से भागे होने की बात कही जा रही थी, जबकि दो नामजद हमलावर दरोगा और सिपाहियों के करीबी होने की चर्चा पूरे इलाके में थी। इसके चलते हमलावरों के न पकड़े जाने की बात कही जा रही थी। इसी में से एक नामजद हमलावर सोमवार दोपहर पुलिस लाइन पहुंचा। वहां वह एसपी कार्यालय के बाहर बाइक स्टैंड की तरफ खड़ा था। सीओ सिटी प्रवीण मलिक की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे वहीं धर दबोचा। तत्काल वहां से कोतवाली भेज दिया गया। अब उससे अन्य हमलावरों और पत्थर फेंकने वालों के बारे में पूछताछ की जा रही है। सीओ की कार्रवाई के कुछ देर बाद ही हमलावर को छुड़ाने के लिए सिफारिशें भी शुरू हो गई। इनमें कुछ सपा और धार्मिक नेता सक्रिय हो गए हैं। पुलिस पर उसे छुड़वाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। सीओ ने बताया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उससे पूछताछ चल रही है।
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घटना 28 मई की शाम हुई थी। मिश्रित आबादी वाले मोहल्ला देशनगर गौड़ी निवासी कुलदीप यादव के मकान के बाहर दीवार निर्माण कराए जाने पर दूसरे पक्ष ने धार्मिक स्थल बनाने का शक जताते हुए विरोध किया था। दूसरे पक्ष की ओर से लॉकडाउन में कानून व्यवस्था को धता बताकर हमला करते हुए पथराव किया गया था। इस मामले में कुलदीप की तहरीर पर 18 बलवाइयों पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इनमें चार महिलाएं 29 मई को जेल भी भेज दी गई थीं। सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए अब भी घटनास्थल पर पुलिस बल की तैनाती चल रही है।
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इस मामले में अन्य फरार हमलावरों की धरपकड़ में पुलिस अभी कामयाब नहीं हो पाई थी। हमलावरों के घरों से भागे होने की बात कही जा रही थी, जबकि दो नामजद हमलावर दरोगा और सिपाहियों के करीबी होने की चर्चा पूरे इलाके में थी। इसके चलते हमलावरों के न पकड़े जाने की बात कही जा रही थी। इसी में से एक नामजद हमलावर सोमवार दोपहर पुलिस लाइन पहुंचा। वहां वह एसपी कार्यालय के बाहर बाइक स्टैंड की तरफ खड़ा था। सीओ सिटी प्रवीण मलिक की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने उसे वहीं धर दबोचा। तत्काल वहां से कोतवाली भेज दिया गया। अब उससे अन्य हमलावरों और पत्थर फेंकने वालों के बारे में पूछताछ की जा रही है। सीओ की कार्रवाई के कुछ देर बाद ही हमलावर को छुड़ाने के लिए सिफारिशें भी शुरू हो गई। इनमें कुछ सपा और धार्मिक नेता सक्रिय हो गए हैं। पुलिस पर उसे छुड़वाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। सीओ ने बताया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उससे पूछताछ चल रही है।
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