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Pilibhit News: जगह-जगह साफ पानी का जमाव, डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा
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श्वास रोग विभाग के पीछे डस्टविन में रखा जमा पानी में पनपते मच्छर। संवाद
अस्पताल परिसर में डस्टविन, खुले पाइप के नीचे व खराब पड़े एसी के एग्जॉस्ट में दिखा पानी का जमाव
पीलीभीत। जिला अस्पताल परिसर में बारिश से जगह-जगह पानी का जमाव है। इससे डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। इससे निपटने के लिए व्यवस्था भी ठंडी दिख रही है, जबकि सितंबर व अक्तूबर माह में इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। ऐसे में यहां शुक्रवार को पड़ताल की गई तो ये कमियां सामने आईं।
बता दें कि भले ही सितंबर माह में 7-8 मरीज जिले में डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं, लेकिन आगामी माह में डेंगू जैसी बीमारी को लेकर बिल्कुल भी निगरानी नहीं की जा रही है। जिन पर सबसे ज्यादा निगरानी की जिम्मेदारी हो, वहीं लापरवाह बने हुए हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में कई जगह साफ पानी का जमाव में डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल परिसर से लेकर एमसीएच विंग में पानी के डस्टबिन, कूलर, गमले आदि में साफ पानी का लगातार जमाव पर किसी की नजर नहीं जा रही है, जिसमें कभी भी डेंगू का लार्वा पनप सकता है।
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यहां-यहां मिला जल जमाव
जिला अस्पताल के श्वास रोग विभाग के रखे तीन डस्टबिन में लंबे समय तक पानी के जमाव से बुरी तरह से मच्छर हो गए थे। जिला महिला अस्पताल में वार्ड के पीछे से गुजर रहा एक पाइप से पानी लगातार टपकता देखा गया, लेकिन जहां पानी गिर रहा था। निकासी के चलते वहां उसका जमाव भी था, जहां भी लार्वा बढ़ने का खतरा बना हुआ था। वहीं, एमसीएच विंग में खराब पड़े एक एसी के एग्जॉस्ट फैन में लंबे समय से पानी का जमाव देखा गया।
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सीएमएस डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि समय-समय पर अस्पताल में सफाई व्यवस्था की निगरानी कराई जा रही है। संवाद
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अस्पताल में नहीं दिखी मलेरिया विभाग की कार्रवाई
जिला अस्पताल में जहां हर रोज 2-3 हजार मरीजों व आम लोगों का आवागमन रहता है। वहां गंदगी व साफ-सफाई को लेकर किसी तरह की कोई सतर्कता नहीं दिख रही है। यहां मलेरिया विभाग संचारी रोग के मौसम में जगह-जगह एंटी लार्वा छिड़काव व लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई करता है। इन दिनों कहीं भी ऐसी कोई कार्रवाई मलेरिया विभाग की ओर से नहीं दिख रही है।
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पीलीभीत। जिला अस्पताल परिसर में बारिश से जगह-जगह पानी का जमाव है। इससे डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। इससे निपटने के लिए व्यवस्था भी ठंडी दिख रही है, जबकि सितंबर व अक्तूबर माह में इसका खतरा और भी बढ़ जाता है। ऐसे में यहां शुक्रवार को पड़ताल की गई तो ये कमियां सामने आईं।
बता दें कि भले ही सितंबर माह में 7-8 मरीज जिले में डेंगू से पीड़ित पाए गए हैं, लेकिन आगामी माह में डेंगू जैसी बीमारी को लेकर बिल्कुल भी निगरानी नहीं की जा रही है। जिन पर सबसे ज्यादा निगरानी की जिम्मेदारी हो, वहीं लापरवाह बने हुए हैं। इन दिनों जिला अस्पताल में कई जगह साफ पानी का जमाव में डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बना हुआ है। अस्पताल परिसर से लेकर एमसीएच विंग में पानी के डस्टबिन, कूलर, गमले आदि में साफ पानी का लगातार जमाव पर किसी की नजर नहीं जा रही है, जिसमें कभी भी डेंगू का लार्वा पनप सकता है।
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यहां-यहां मिला जल जमाव
जिला अस्पताल के श्वास रोग विभाग के रखे तीन डस्टबिन में लंबे समय तक पानी के जमाव से बुरी तरह से मच्छर हो गए थे। जिला महिला अस्पताल में वार्ड के पीछे से गुजर रहा एक पाइप से पानी लगातार टपकता देखा गया, लेकिन जहां पानी गिर रहा था। निकासी के चलते वहां उसका जमाव भी था, जहां भी लार्वा बढ़ने का खतरा बना हुआ था। वहीं, एमसीएच विंग में खराब पड़े एक एसी के एग्जॉस्ट फैन में लंबे समय से पानी का जमाव देखा गया।
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सीएमएस डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि समय-समय पर अस्पताल में सफाई व्यवस्था की निगरानी कराई जा रही है। संवाद
अस्पताल में नहीं दिखी मलेरिया विभाग की कार्रवाई
जिला अस्पताल में जहां हर रोज 2-3 हजार मरीजों व आम लोगों का आवागमन रहता है। वहां गंदगी व साफ-सफाई को लेकर किसी तरह की कोई सतर्कता नहीं दिख रही है। यहां मलेरिया विभाग संचारी रोग के मौसम में जगह-जगह एंटी लार्वा छिड़काव व लार्वा नष्ट करने की कार्रवाई करता है। इन दिनों कहीं भी ऐसी कोई कार्रवाई मलेरिया विभाग की ओर से नहीं दिख रही है।

श्वास रोग विभाग के पीछे डस्टविन में रखा जमा पानी में पनपते मच्छर। संवाद