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कचरे का ढेर बन चुका है शहर
ब्यूरो /पीलीभीत
Updated Fri, 07 Apr 2017 11:29 PM IST
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कचरे का ढेर बन चुका है शहर
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नगर पालिका बोर्ड का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है, लेकिन इन पांच वर्षों में शहर की सफाई व्यवस्था ढर्रे पर नहीं आ सकी। सड़कों के किनारे बने अस्थाई डलावघरों में बेतरतीब फैला कूड़ा शहरवासियों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा हैं। दूसरी तरफ नगर पालिका प्रशासन संसाधनों की कमी का रोना रोता रहता है। करीब ढाई लाख की आबादी वाले इस शहर में नगर पालिका प्रशासन आज भी चार दशक पुराने हेल्थ मैनुअल के अनुसार साफ सफाई करा रहा है। यही वजह है कि प्रमुख मार्गों के आसपास व गली मोहल्लों में अकसर कूड़े के ढेर देखे जा सकते हैं। 27 वार्डों के शहर में बनाए गए अस्थाई डलाव घरों में कूड़ा उठाने की व्यवस्था दुरुस्त न होने से शहरवासियों को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। स्टेशन रोड, स्टेडियम रोड, आयुर्वेदिक कॉलेज रोड, जेपी रोड के आसपास कई साल से कूड़ा फेंका जा रहा है। समय से कूड़ा उठान न होने से वही कूड़ा आधी सड़क तक फैल जाता है। कमोेबेश यही हाल शहर के सभी मोहल्ला का है। कई दिन तक कूड़ा न उठने से लोगों को गंदगी के बीच ही दिन गुजारने पड़ रहे हैं। नाले नालियों की भी यही दशा है। बड़े नाले गंदगी के ढेर से पटते जा रहे हैं। खास बात यह है कि सफाई व्यवस्था को लेकर बोर्ड बैठकों में भी कोई चर्चा नहीं होती।
सफाईकर्मियों की कमी
हेल्थ मैनुअल के अनुसार नगर पालिका में सफाई कर्मियों के 338 पद हैं। वर्तमान में मात्र 195 सफाईकर्मी कार्य कर रहे हैं। व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पालिका ठेकेदार के माध्यम से प्राइवेट सफाईकर्मियों से सफाई करा रही है। खास बात यह है कि इन 195 सफाईकर्मियों में करीब 50 से अधिक ऐसे हैं जो 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं, इनकी कार्यक्षमता कम होने के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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सफाईकर्मियों की कमी
हेल्थ मैनुअल के अनुसार नगर पालिका में सफाई कर्मियों के 338 पद हैं। वर्तमान में मात्र 195 सफाईकर्मी कार्य कर रहे हैं। व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पालिका ठेकेदार के माध्यम से प्राइवेट सफाईकर्मियों से सफाई करा रही है। खास बात यह है कि इन 195 सफाईकर्मियों में करीब 50 से अधिक ऐसे हैं जो 50 वर्ष से अधिक आयु के हैं, इनकी कार्यक्षमता कम होने के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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