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Pilibhit News: जंगल किनारे पशु चराने गए अधेड़ को भालू ने दौड़ाया
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पूरनपुर। जंगल किनारे पशु चराने गए गांव चंदिया हजारा निवासी हरेकृष्ण (56) को भालू ने दौड़ा दिया। शाम तक हरेकृष्ण के न पहुंचने और पशुओं के घर पहुंचने पर गांव के तमाम लोग लाठी-डंडे लेकर उन्हें जंगल में ढूंढने पहुंचे। इस दौरान दूसरे रास्ते से हरेकृष्ण घर पहुंचे। उन्होंने लोगों को घटना की जानकारी दी।
चंदिया हजारा गांव जंगल के किनारे बसा है। अक्सर जंगल से निकलने वाले जंगली पशु आबादी में भी पहुंच जाते है। हरेकृष्ण रोज की तरह बुधवार को भी जंगल में पशु चराने गए थे। शाम को करीब छह बजे तक हरेकृष्ण घर नहीं पहुंचे, जबकि उसके जानवर घर पहुंच गए। इसकी जानकारी हरेकृष्ण के परिजन ने प्रधान और अन्य लोगों को दी। शाम को ही ग्रामीण लाठी, डंडे और टाॅर्च लेकर हरेकृष्ण को ढूंढने के लिए जंगल में पहुंचे। शाम करीब सात बजे हरेकृष्ण घर पहुंच गया। ग्राम प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि हरेराम को जंगल किनारे भालू ने दौड़ा दिया था। इस पर वह भाग कर धनाराघाट पहुंचा। शाम सात बजे के बाद घर लौटे हरेकृष्ण ने घटना की जानकारी लोगों को दी। संवाद
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चंदिया हजारा गांव जंगल के किनारे बसा है। अक्सर जंगल से निकलने वाले जंगली पशु आबादी में भी पहुंच जाते है। हरेकृष्ण रोज की तरह बुधवार को भी जंगल में पशु चराने गए थे। शाम को करीब छह बजे तक हरेकृष्ण घर नहीं पहुंचे, जबकि उसके जानवर घर पहुंच गए। इसकी जानकारी हरेकृष्ण के परिजन ने प्रधान और अन्य लोगों को दी। शाम को ही ग्रामीण लाठी, डंडे और टाॅर्च लेकर हरेकृष्ण को ढूंढने के लिए जंगल में पहुंचे। शाम करीब सात बजे हरेकृष्ण घर पहुंच गया। ग्राम प्रधान बासुदेव कुंडू ने बताया कि हरेराम को जंगल किनारे भालू ने दौड़ा दिया था। इस पर वह भाग कर धनाराघाट पहुंचा। शाम सात बजे के बाद घर लौटे हरेकृष्ण ने घटना की जानकारी लोगों को दी। संवाद
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