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Pilibhit News: जगबूड़ा नदी से हुए नुकसान की जांच करेगी पांच सदस्यीय टीम
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कलीनगर। सीमावर्ती क्षेत्र में जगबूड़ा नदी से हुए नुकसान की वास्तविक पड़ताल करने के लिए डीएम ने टीम गठित की है। एडीएम न्यायिक की अध्यक्षता में पांच सदस्यों को टीम में शामिल किया गया है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र के नोमेंसलैंड क्षेत्र से शारदा नदी जनपद सीमा में प्रवेश करती है। नोमेंसलैंड पर जगबूड़ा और शारदा नदी का संगम होता है। इसके बाद नदी विकराल रूप ले लेती है।
पूर्व में कटान को देखते हुए नेपाल सरकार की ओर से अपने क्षेत्र में मजबूत तटबंध बना दिए गए। जिसके बाद नदी का असर जनपद सीमा में अधिक हो गया। पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने के बाद नदी ने काफी तबाही मचाई। करीब 28 हजार की आबादी प्रभावित हुई। जिसके बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर सच्चाई जानने के लिए टीम का गठन किया है।
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एडीएम न्यायिक अजीत परेश, एसडीएम आशुतोष गुप्ता के अलावा शारदा सागर खंड, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है। टीम जगबूड़ा में हुए नुकसान का आकलन कर आबादी और कृषि क्षेत्र को सुरक्षित बचाने के उपायों के संबंध में डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी।
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कलीनगर तहसील क्षेत्र के नोमेंसलैंड क्षेत्र से शारदा नदी जनपद सीमा में प्रवेश करती है। नोमेंसलैंड पर जगबूड़ा और शारदा नदी का संगम होता है। इसके बाद नदी विकराल रूप ले लेती है।
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पूर्व में कटान को देखते हुए नेपाल सरकार की ओर से अपने क्षेत्र में मजबूत तटबंध बना दिए गए। जिसके बाद नदी का असर जनपद सीमा में अधिक हो गया। पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने के बाद नदी ने काफी तबाही मचाई। करीब 28 हजार की आबादी प्रभावित हुई। जिसके बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेकर सच्चाई जानने के लिए टीम का गठन किया है।
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एडीएम न्यायिक अजीत परेश, एसडीएम आशुतोष गुप्ता के अलावा शारदा सागर खंड, जल निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को शामिल किया गया है। टीम जगबूड़ा में हुए नुकसान का आकलन कर आबादी और कृषि क्षेत्र को सुरक्षित बचाने के उपायों के संबंध में डीएम को रिपोर्ट सौंपेगी।