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Pilibhit News: अस्पताल में तैनात स्टॉफ का लगाया जाए बोर्ड
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पीलीभीत। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिले के निजी चिकित्सकों की बैठक हुई। डीएम ने अस्पताल परिसर में निर्वाद विद्युत व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ स्टॉफ का बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
गांधी सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि विद्युत बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मुख्य ड्यूटी स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे की क्रियाशीलता व 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी जाए। रोगी एवं तीमारदारों से दिन में दो बार पारदर्शी संवाद किया जाए।
उन्होंने कहा कि समस्त चिकित्सालयों एवं क्लीनिक के स्टाफ का नाम, फोटो, पद, मोबाइल नंबर के साथ बोर्ड लगाया जाए। ओपीडी में भीड़ का मैनेजमेंट किया जाए। चिकित्सालय में भर्ती रोगियों एवं उसके तीमारदारों के साथ शालीन व्यवहार किया जाए एवं उनकी समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए।
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चिकित्सालय एवं क्लीनिक के बाहर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव इकाइयों पर प्रसव उपरांत नवजात को बर्थ डोज (हेपेटाइटिस-बी) एवं जीरो डोज (ओपीवी एवं बीसीजी) अनिवार्य रूप से लगाई जाए। डेंगू की जांच यदि किसी निजी चिकित्सालय/पैथोलाॅजी में की जाती है तो रोगी से अधिकतम निर्धारित दर 600 से अधिक न ली जाए।
निजी चिकित्सालयों में टीबी नोटिफिकेशन को निश्चय पोर्टल पर अंकित किया जाए ताकि रोगी को वित्तीय लाभ दिया जा सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आलोक कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
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गांधी सभागार में हुई बैठक में डीएम ने कहा कि विद्युत बाधित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। मुख्य ड्यूटी स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे की क्रियाशीलता व 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी जाए। रोगी एवं तीमारदारों से दिन में दो बार पारदर्शी संवाद किया जाए।
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उन्होंने कहा कि समस्त चिकित्सालयों एवं क्लीनिक के स्टाफ का नाम, फोटो, पद, मोबाइल नंबर के साथ बोर्ड लगाया जाए। ओपीडी में भीड़ का मैनेजमेंट किया जाए। चिकित्सालय में भर्ती रोगियों एवं उसके तीमारदारों के साथ शालीन व्यवहार किया जाए एवं उनकी समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए।
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चिकित्सालय एवं क्लीनिक के बाहर पार्किंग की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रसव इकाइयों पर प्रसव उपरांत नवजात को बर्थ डोज (हेपेटाइटिस-बी) एवं जीरो डोज (ओपीवी एवं बीसीजी) अनिवार्य रूप से लगाई जाए। डेंगू की जांच यदि किसी निजी चिकित्सालय/पैथोलाॅजी में की जाती है तो रोगी से अधिकतम निर्धारित दर 600 से अधिक न ली जाए।
निजी चिकित्सालयों में टीबी नोटिफिकेशन को निश्चय पोर्टल पर अंकित किया जाए ताकि रोगी को वित्तीय लाभ दिया जा सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. आलोक कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।