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भाई के सर्टिफिकेट पर कर रहा था नौकरी
Pilibhit
Updated Tue, 12 Mar 2013 05:32 AM IST
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पीलीभीत। एक होमगार्ड भाई के शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहा था। जिला कमांडेंट की जांच में इस मामले का खुलासा हुआ है। कमांडेंट ने आरोपी होमगार्ड को सस्पेंड कर दिया है। अब उसे बर्खास्त कराने के लिए डीएम को जांच रिपोर्ट भेजने की तैयारी चल रही है।
जिले की तहसील बीसलपुर के गांव दौलतपुर हीरा निवासी सिद्दीक वर्ष 1990 में होमगार्ड के रूप में भर्ती हुआ था। उसने भर्ती के दौरान अपने भाई शमशाद के शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए थे। उसकी तैनाती बीसलपुर कंपनी में थी। उसने अभिलेखों में खुद का फोटो लगाया था। इस मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब किसी ने फर्जी शैक्षिक दास्तावेजों पर उसके नौकरी करने की शिकायत की। जिला कमांडेंट छेदीलाल ने मामले की जांच शुरू की। उन्होंने गांव जाकर कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। फोटोयुक्त मतदाता सूची का भी अवलोकन किया। जांच में पता चला कि सिद्दीक चार भाई हैं। उसका ही छोटा भाई शमशाद है। ग्रामीणों ने उसका असली नाम सिद्दीक बताया। मतदाता सूची में भी उसके सिद्दीक होने की पुष्टि हुई और वह शमशाद का बड़ा भाई निकला। इस पर कमांडेंट ने उससे जवाब तलब किया तो उसने लिखित में अपने को सिद्दीक बताया और कहा कि धोखे से भाई के कागजात लगा दिए थे। कमांडेंट ने उसे सस्पेंड कर दिया है। अब वह उसे बर्खास्त करने के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
वर्जन
सिद्दीक के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने की शिकायत मिली थी। जांच में मामला सही पाया गया। वह अपने छोटे भाई शमशाद के प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहा था। सिद्दीक को सस्पेंड कर दिया गया है। उसे बर्खास्त करने के लिए शीघ्र ही डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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छेदीलाल वर्मा, कमांडेंट
जिला होमगार्ड कार्यालय, पीलीभीत
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जिले की तहसील बीसलपुर के गांव दौलतपुर हीरा निवासी सिद्दीक वर्ष 1990 में होमगार्ड के रूप में भर्ती हुआ था। उसने भर्ती के दौरान अपने भाई शमशाद के शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाए थे। उसकी तैनाती बीसलपुर कंपनी में थी। उसने अभिलेखों में खुद का फोटो लगाया था। इस मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब किसी ने फर्जी शैक्षिक दास्तावेजों पर उसके नौकरी करने की शिकायत की। जिला कमांडेंट छेदीलाल ने मामले की जांच शुरू की। उन्होंने गांव जाकर कई ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। फोटोयुक्त मतदाता सूची का भी अवलोकन किया। जांच में पता चला कि सिद्दीक चार भाई हैं। उसका ही छोटा भाई शमशाद है। ग्रामीणों ने उसका असली नाम सिद्दीक बताया। मतदाता सूची में भी उसके सिद्दीक होने की पुष्टि हुई और वह शमशाद का बड़ा भाई निकला। इस पर कमांडेंट ने उससे जवाब तलब किया तो उसने लिखित में अपने को सिद्दीक बताया और कहा कि धोखे से भाई के कागजात लगा दिए थे। कमांडेंट ने उसे सस्पेंड कर दिया है। अब वह उसे बर्खास्त करने के लिए जांच रिपोर्ट डीएम को भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
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सिद्दीक के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर नौकरी करने की शिकायत मिली थी। जांच में मामला सही पाया गया। वह अपने छोटे भाई शमशाद के प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी कर रहा था। सिद्दीक को सस्पेंड कर दिया गया है। उसे बर्खास्त करने के लिए शीघ्र ही डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
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छेदीलाल वर्मा, कमांडेंट
जिला होमगार्ड कार्यालय, पीलीभीत