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नहीं हुई बारिश, तपती दुपहरी से सबका हाल-बेहाल
Updated Wed, 11 Jul 2018 10:40 PM IST
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नहीं हुई बारिश, तपती दोपहरी से हाल-बेहाल
दिनभर चटक धूप रही, शाम को भी नहीं मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। चढ़ते पारे के साथ एक बार फिर बुधवार को आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। तपती दोपहरी के बीच उमस से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। गर्मी से जहां लोग परेशान दिखाई दिए, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं को रुलाकर रख दिया।
मंगलवार को बदरा छाए रहने के कारण जो लोग बुधवार को बारिश होने के कयास लगाए बैठे थे, उनके चेहरों पर निराशा देखने को मिली। भीषण गर्मी से व्याकुल लोग राहत पाने को तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। उनका कहा है कि एक बार फिर गर्मी कहर बरपाने लगी है। पिछले दो दिनों से मौसम में परिवर्तन से लोगों राहत महसूस कर रहे थे। काले बादल छाए रहने के कारण बारिश होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बुधवार को स्थिति बिल्कुल उलट गई। सुबह सूर्य देवता के दर्शन होने के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ता गया। दोपहर की कड़ी दोपहरी में सूरज भी आग बरसाने लगा फिर एकदम उमस बढ़ने से लोग परेशान हो गए। दोपहर करीब एक बजे के बाद हवा थमी तो बेचैनी ओर बढ़ती गई। पसीने से तरबतर लोगों का कहना था कि अचानक गर्मी बढ़ते ही बिजली का करंट भी टूट गया। अघोषित कटौती की मार से परेशान उपभोक्ता भी दिनभर बेहाल रहे। तपती दोपहरी के बीच दोपहर करीब दो बजे के बाद गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने खुद को घरों में कैद करने में ही अपनी भलाई समझी। जिन लोगों को जरूरी काम था, मुंह पर कपड़ा बांधकर ही बाहर निकलने में उन्होंने अपनी भलाई समझी।
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नहीं हुई बारिश, तपती दोपहरी से हाल-बेहाल
दिनभर चटक धूप रही, शाम को भी नहीं मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। चढ़ते पारे के साथ एक बार फिर बुधवार को आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया। तपती दोपहरी के बीच उमस से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। गर्मी से जहां लोग परेशान दिखाई दिए, वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती ने उपभोक्ताओं को रुलाकर रख दिया।
मंगलवार को बदरा छाए रहने के कारण जो लोग बुधवार को बारिश होने के कयास लगाए बैठे थे, उनके चेहरों पर निराशा देखने को मिली। भीषण गर्मी से व्याकुल लोग राहत पाने को तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं। उनका कहा है कि एक बार फिर गर्मी कहर बरपाने लगी है। पिछले दो दिनों से मौसम में परिवर्तन से लोगों राहत महसूस कर रहे थे। काले बादल छाए रहने के कारण बारिश होने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन बुधवार को स्थिति बिल्कुल उलट गई। सुबह सूर्य देवता के दर्शन होने के बाद गर्मी का प्रकोप बढ़ता गया। दोपहर की कड़ी दोपहरी में सूरज भी आग बरसाने लगा फिर एकदम उमस बढ़ने से लोग परेशान हो गए। दोपहर करीब एक बजे के बाद हवा थमी तो बेचैनी ओर बढ़ती गई। पसीने से तरबतर लोगों का कहना था कि अचानक गर्मी बढ़ते ही बिजली का करंट भी टूट गया। अघोषित कटौती की मार से परेशान उपभोक्ता भी दिनभर बेहाल रहे। तपती दोपहरी के बीच दोपहर करीब दो बजे के बाद गर्मी से राहत पाने के लिए लोगों ने खुद को घरों में कैद करने में ही अपनी भलाई समझी। जिन लोगों को जरूरी काम था, मुंह पर कपड़ा बांधकर ही बाहर निकलने में उन्होंने अपनी भलाई समझी।
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