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आत्महत्या करने वाले किसान के परिवार को मिले 20 लाख मुआवजा
Updated Mon, 28 Aug 2017 05:12 PM IST
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पीलीभीत। भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य व एपवा प्रदेश अध्यक्ष कृष्णा अधिकारी के नेतृत्व में सोमवार को सात सदस्यीय टीम कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले गजरौला के गोयल कॉलोनी निवासी किसान रंजीत बाला के घर पहुंची। यहां माले नेताओं ने किसान के आत्महत्या करने से जुड़े कारणों पर बातचीत की। जिसमें उनको परिवारीजनों ने किसान के नौ लाख रुपये कर्ज में डूबे होने की जानकारी दी। इसमें सात लाख बैंक तो दो लाख रुपये महाजनी से लिए बताए गए।
माले नेताओं का कहना है कि इस दौरान सामने आया कि कर्ज चुकता करने को लेकर उनको काफी परेशान किया जा रहा था। उनकी दो एकड़ जमीन महाजनी से लिए कर्ज में गिरवी पड़ी है। उन्होंनेे कहा कि लगातार बनाए जा रहे दबाव से तंग आकर किसान ने अपना जीवन समाप्त कर लिया। उन्होंने किसानों के आत्महत्या करने के पीछे मोदी और योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। यह भी सवाल उठाया कि एक बैंक का कर्ज चुकता न होने के बाद साठगांठ कर नोड्यूस बनवाकर दूसरे फिर अन्य बैंकों से लगातार कर्ज दिया जाता रहा। वह भी उस जमीन पर जिसको बंधक नहीं रखा जा सकता। किसान को दिए जाने वाले कर्ज से बीस से 25 प्रतिशत की दलाली खाने का आरोप भी बैंक के अधिकारियों पर लगाया। माले नेताओं ने मृतक किसान रंजीत बाला के परिवार वालों को बीस लाख मुआवजा देने और जनपद के समस्त किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। मुलाकात करने वालों में देवाशीष राय, देवीदयाल, नगीना, रजनीश, रामचरन आदि थे।
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माले नेताओं का कहना है कि इस दौरान सामने आया कि कर्ज चुकता करने को लेकर उनको काफी परेशान किया जा रहा था। उनकी दो एकड़ जमीन महाजनी से लिए कर्ज में गिरवी पड़ी है। उन्होंनेे कहा कि लगातार बनाए जा रहे दबाव से तंग आकर किसान ने अपना जीवन समाप्त कर लिया। उन्होंने किसानों के आत्महत्या करने के पीछे मोदी और योगी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। यह भी सवाल उठाया कि एक बैंक का कर्ज चुकता न होने के बाद साठगांठ कर नोड्यूस बनवाकर दूसरे फिर अन्य बैंकों से लगातार कर्ज दिया जाता रहा। वह भी उस जमीन पर जिसको बंधक नहीं रखा जा सकता। किसान को दिए जाने वाले कर्ज से बीस से 25 प्रतिशत की दलाली खाने का आरोप भी बैंक के अधिकारियों पर लगाया। माले नेताओं ने मृतक किसान रंजीत बाला के परिवार वालों को बीस लाख मुआवजा देने और जनपद के समस्त किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। मुलाकात करने वालों में देवाशीष राय, देवीदयाल, नगीना, रजनीश, रामचरन आदि थे।
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