फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   टाइगर रिजर्व में जल्द बढ़ेगी चीतलों की संख्या

टाइगर रिजर्व में जल्द बढ़ेगी चीतलों की संख्या

Mon, 26 Jun 2017 05:39 PM IST
Updated Mon, 26 Jun 2017 05:39 PM IST
विज्ञापन
टाइगर रिजर्व में जल्द बढ़ेगी चीतलों की संख्या
पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में चीतलों की संख्या में जल्द इजाफा होगा। आंवला के बंद हो रहे वन चेतना केंद्र के 147 चीतलों को पीलीभीत के जंगलों में छोड़ा जाएगा। विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है।
विज्ञापन

नौ जून 2014 को घोषित हुए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में यूं तो बाघ के साथ वन्यजीवों की पर्याप्त संख्या है। इसमें सर्वाधिक संख्या तृणभोजी पशुओं की है जिसमें हिरन प्रजाति बाघों का प्रिय भोजन है। जंगल में बाघों की बढ़ती संख्या के चलते यह माना जा रहा है कि तृणभोजी जीवों की संख्या धीरे धीरे घट रही है और शायद इसके चलते ही बाघ जंगल से बाहर आ रहे हैं। जंगल में तृणभोजी वन्यजीवों की संख्या में और बढ़ोत्तरी के लिए अब आंवला से चीतल (हिरन प्रजाति) को टाइगर रिजर्व में छोड़ने की योजना बनाई जा रही है। दरअसल आंवला स्थित वन चेतना केंद्र जल्द ही बंद होने जा रहा है। ऐसे में चेतना केंद्र में मौजूद 147 चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ने की तैयारी की गई थी। हालांकि पहले इन्हें जंगल से बाहर सामाजिक वानिकी क्षेत्र में छोड़ने पर विचार किया गया लेकिन हाल में बाघ के हमलों की बढ़ी संख्या को देखते हुए वनाधिकारियों ने इन चीतलों को टाइगर रिजर्व के जंगलों में ही छोड़ने का फैसला किया है।
विज्ञापन


आईवीआरआई से होगा परीक्षण
आंवला के वन चेतना केेंद्र में मौजूद 147 चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ने से पहले मेडिकल परीक्षण किया जाएगा। इसके लिए वन संरक्षक की ओर से आईवीआरआई को पत्र लिखा गया है। परीक्षण के बाद ही वन चेतना केंद्र के चीतलों को पीलीभीत लाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएफओ से मांगी रिपोर्ट
आंवला के वन चेतना केंद्र के चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ने के लिए वन संरक्षक ने डीएफओ से रिपोर्ट मांगी है। इसमें ऐसे स्थानों का प्रस्ताव भी मांगा गया है जहां वाटर होल एवं पर्याप्त चारागाह हो।

00000
वनचेतना केंद्र बंद हो रहा है ऐसे में यहां के चीतलों को शिफ्ट करने का टाइगर रिजर्व के रूप में एक बेहतर विकल्प है। औपचारिकताएं पूरी कर जल्द चीतलों को टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा।
- वीके सिंह, वन संरक्षक, बरेली वृत्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed