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दियोरिया रेंज में बुजुर्ग महिला को बाघ ने बनाया निवाला
Updated Thu, 28 Dec 2017 11:55 PM IST
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tiger atteck
- फोटो : amar ujala
जंगल में मिला अधखाया शव, छह दिन से थी लापता
दियोरिया (पीलीभीत)। चूल्हा जलाने के लिए 22 दिसंबर की सुबह नौ बजे घर से एक किलोमीटर दूर दियोरिया रेंज के जंगल में लकड़ी बीनने गई ग्राम पिपरइया दियोहना की 60 वर्षीय एक महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। छह दिन लापता रहने के बाद बृहस्पतिवार दोपहर उसका अधखाया शव जंगल के करीब 500 मीटर अंदर मिला। घटना के बाद से गांव में बाघ की दहशत बढ़ गई है।
महिला कैलाशो देवी के पति की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उनका एक बेटा प्रवेश कुमार दिव्यांग है। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। 22 दिसंबर को कैलाशो देवी घरेलू कामकाज करने के बाद सुबह नौ बजे जंगल में गई थीं। शाम तक उनके वापस न आने पर परिवार वालों को चिंता सताने लगी। ग्रामीणों की मदद से उनकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई पता नहीं चला। इस पर बुधवार सुबह कोतवाली पुलिस व दियोरिया रेंज के वन विभाग के कार्यालय में बेटे प्रवेश ने तहरीर दी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी।
वन क्षेत्राधिकारी गंगा प्रसाद पांडे ने भी एक टीम को जंगल में कांबिंग के लिए लगा दिया था। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे गांव के कालीचरन जंगल से सटे अपने खेत पर गए थे। इस बीच उनको जंगल के पास एक महिला का अधखाया शव दिखाई दिया। कुछ ही देर में पूरे गांव में इसकी सूचना फैल गई। ग्रामीणों की भीड़ के साथ ही मां की तलाश कर रहा बेटा प्रवेश कुमार भी मौके पर पहुंच गया। मुंह, दोनों हाथ व एक पैर बाघ खा चुका था। बकाया हिस्से व कपडे़ को देख प्रवेश ने अपने मां के शव की शिनाख्त की। सूचना पर कोतवाली प्रभारी गोपीचंद यादव भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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दियोरिया (पीलीभीत)। चूल्हा जलाने के लिए 22 दिसंबर की सुबह नौ बजे घर से एक किलोमीटर दूर दियोरिया रेंज के जंगल में लकड़ी बीनने गई ग्राम पिपरइया दियोहना की 60 वर्षीय एक महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। छह दिन लापता रहने के बाद बृहस्पतिवार दोपहर उसका अधखाया शव जंगल के करीब 500 मीटर अंदर मिला। घटना के बाद से गांव में बाघ की दहशत बढ़ गई है।
महिला कैलाशो देवी के पति की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। उनका एक बेटा प्रवेश कुमार दिव्यांग है। परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। 22 दिसंबर को कैलाशो देवी घरेलू कामकाज करने के बाद सुबह नौ बजे जंगल में गई थीं। शाम तक उनके वापस न आने पर परिवार वालों को चिंता सताने लगी। ग्रामीणों की मदद से उनकी काफी तलाश की गई, लेकिन कोई पता नहीं चला। इस पर बुधवार सुबह कोतवाली पुलिस व दियोरिया रेंज के वन विभाग के कार्यालय में बेटे प्रवेश ने तहरीर दी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी।
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वन क्षेत्राधिकारी गंगा प्रसाद पांडे ने भी एक टीम को जंगल में कांबिंग के लिए लगा दिया था। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे गांव के कालीचरन जंगल से सटे अपने खेत पर गए थे। इस बीच उनको जंगल के पास एक महिला का अधखाया शव दिखाई दिया। कुछ ही देर में पूरे गांव में इसकी सूचना फैल गई। ग्रामीणों की भीड़ के साथ ही मां की तलाश कर रहा बेटा प्रवेश कुमार भी मौके पर पहुंच गया। मुंह, दोनों हाथ व एक पैर बाघ खा चुका था। बकाया हिस्से व कपडे़ को देख प्रवेश ने अपने मां के शव की शिनाख्त की। सूचना पर कोतवाली प्रभारी गोपीचंद यादव भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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