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मरीजों पर भारी जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं
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पीलीभीत। प्रदेश सरकार मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा रही है। बावजूद जिला अस्पताल में मरीज और उनके तीमारदारों को अब भी अव्यवस्था का शिकार होना पड़ रहा है। सुविधाओं के नाम यहां पर मरीजों के साथ मजाक किया जा रहा है। दवा लेने या अन्य किसी काम से पहुंचे मरीज के साथ यदि कोई अनहोनी हो जाए तो उपचार देना तो दूर उनको समय पर देखने वाला तक कोई नहीं मिलता।
ऐसा ही मामला शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में देखने को मिला। अव्यवस्थाओं के बीच अस्पताल परिसर में वार्ड ब्वॉय तो ओपीडी वार्ड में डॉक्टर नदारद दिखे। दवा लेने पहुंची देवीपुरा की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला प्रेमवती अचानक बेहोश होकर गिर गई। लाइन में खड़ी एक अन्य महिला सावित्री देवी ने किसी तरह बुजुर्ग महिला को संभाला। माथे और मुंह पर चोट लगने के कारण करीब आधे घंटे तक बुजुर्ग महिला दर्द से कराहती रही। किसी भी स्टाफ कर्मचारी के नहीं पहुंचने पर मामले की जानकारी जब सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन को दी गई तो आनन-फानन में एक कर्मचारी को मौके पर भेजकर बुजुर्ग महिला का उपचार शुरू कराया जा सका। इसी तरह ओपीडी में चिकित्सक के नहीं होने पर कक्ष में खड़े मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। कोई दो घंटे से तो कोई तीन घंटे से चिकित्सक के आने का इंतजार करता दिखा।
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ऐसा ही मामला शुक्रवार सुबह जिला अस्पताल में देखने को मिला। अव्यवस्थाओं के बीच अस्पताल परिसर में वार्ड ब्वॉय तो ओपीडी वार्ड में डॉक्टर नदारद दिखे। दवा लेने पहुंची देवीपुरा की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला प्रेमवती अचानक बेहोश होकर गिर गई। लाइन में खड़ी एक अन्य महिला सावित्री देवी ने किसी तरह बुजुर्ग महिला को संभाला। माथे और मुंह पर चोट लगने के कारण करीब आधे घंटे तक बुजुर्ग महिला दर्द से कराहती रही। किसी भी स्टाफ कर्मचारी के नहीं पहुंचने पर मामले की जानकारी जब सीएमएस डॉ. रतनपाल सिंह सुमन को दी गई तो आनन-फानन में एक कर्मचारी को मौके पर भेजकर बुजुर्ग महिला का उपचार शुरू कराया जा सका। इसी तरह ओपीडी में चिकित्सक के नहीं होने पर कक्ष में खड़े मरीज और उनके तीमारदार परेशान रहे। कोई दो घंटे से तो कोई तीन घंटे से चिकित्सक के आने का इंतजार करता दिखा।
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