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बगैर मान्यता चल रहे दो स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश
Updated Fri, 11 Aug 2017 06:31 PM IST
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पीलीभीत। डीआईओएस तौलेराम वर्मा को निरीक्षण के दौरान जिले में सात स्कूल बगैर मान्यता के संचालित होते मिले। उन्होंने दो स्कूल संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं शेष चार स्कूल संचालकों को सप्ताह भर के अंदर मान्यता लेने के निर्देश दिए हैं। दोबारा संचालन पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई।
जिले में बगैर मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। यही वजह है कि जिले में फर्जी स्कूलों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। डीएम शीतल वर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जिले में बगैर मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल कॉलेजों सूची तलब की थी और बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों को 31 जुलाई तक मान्यता लेने के निर्देश दिए थे। मान्यता न लेने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी थी, लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इधर डीआईओएस तौलेराम वर्मा ने बृहस्पतिवार को स्कूल कॉलेजों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सात स्कूल बगैर मान्यता के संचालित होना पाए गए। डीआईओएस ने बताया कि गांव लालपुर में मीना मेमोरियल स्कूल की कक्षा एक से आठ तक मान्यता है, लेकिन यहां इंटर तक की कक्षाएं संचालित होती पाई। इस मामले में जांच अधिकारी को जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी गांव में महारानी मेमोरियल स्कूल में कक्षा नौ व दस की कक्षाएं बिना मान्यता संचालित होती गई। इस विद्यालय के प्रधानाचार्य को मान्यता लेने को कहा गया है। कल्याणपुर नौगवा स्थित तिलकराम स्कूल मात्र दो कमरों में चलता मिला। स्कूल भवन भी मानक के विपरीत बना पाया गया। आसपास गन्ने के खेत पाए गए। ऐसे में यहां कभी भी कोई घटना घट सकती है। इस स्कूल के संचालक/प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी गांव में ब्रह्म प्रिया मेमोरियल स्कूल कक्षा आठ तक बिना मान्यता के चलते पाया गया। स्कूल का दो मंजिला भवन मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। इसकी जानकारी बीएसए को दे दी गई है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। माधोटांडा में वनस्थली जूनियर हाईस्कूल व शहीद भगत सिंह जूनियर हाईस्कूल में मान्यता के विपरीत इंटर तक की कक्षाएं संचालित होना पाई गई। आदर्श वीरांगना स्कूल भी कक्षा आठ तक बिना मान्यता चलते पाया गया। स्कूल भवन मानक के विपरीत बना मिला। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों को सप्ताह भर के भीतर मान्यता लेने के निर्देश दिए गए हैं। दोबारा गलत तरीके से संचालन पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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जिले में बगैर मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल संचालकों पर कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं। यही वजह है कि जिले में फर्जी स्कूलों की संख्या कम होने के बजाए बढ़ती जा रही है। डीएम शीतल वर्मा ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जिले में बगैर मान्यता के संचालित हो रहे स्कूल कॉलेजों सूची तलब की थी और बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों को 31 जुलाई तक मान्यता लेने के निर्देश दिए थे। मान्यता न लेने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दी थी, लेकिन मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इधर डीआईओएस तौलेराम वर्मा ने बृहस्पतिवार को स्कूल कॉलेजों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें सात स्कूल बगैर मान्यता के संचालित होना पाए गए। डीआईओएस ने बताया कि गांव लालपुर में मीना मेमोरियल स्कूल की कक्षा एक से आठ तक मान्यता है, लेकिन यहां इंटर तक की कक्षाएं संचालित होती पाई। इस मामले में जांच अधिकारी को जांच कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी गांव में महारानी मेमोरियल स्कूल में कक्षा नौ व दस की कक्षाएं बिना मान्यता संचालित होती गई। इस विद्यालय के प्रधानाचार्य को मान्यता लेने को कहा गया है। कल्याणपुर नौगवा स्थित तिलकराम स्कूल मात्र दो कमरों में चलता मिला। स्कूल भवन भी मानक के विपरीत बना पाया गया। आसपास गन्ने के खेत पाए गए। ऐसे में यहां कभी भी कोई घटना घट सकती है। इस स्कूल के संचालक/प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी गांव में ब्रह्म प्रिया मेमोरियल स्कूल कक्षा आठ तक बिना मान्यता के चलते पाया गया। स्कूल का दो मंजिला भवन मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। इसकी जानकारी बीएसए को दे दी गई है। इस मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। माधोटांडा में वनस्थली जूनियर हाईस्कूल व शहीद भगत सिंह जूनियर हाईस्कूल में मान्यता के विपरीत इंटर तक की कक्षाएं संचालित होना पाई गई। आदर्श वीरांगना स्कूल भी कक्षा आठ तक बिना मान्यता चलते पाया गया। स्कूल भवन मानक के विपरीत बना मिला। उन्होंने बताया कि इन स्कूलों को सप्ताह भर के भीतर मान्यता लेने के निर्देश दिए गए हैं। दोबारा गलत तरीके से संचालन पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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