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Pilibhit News: भुगतान के लिए तीन माह से भटक रहे 45 हजार मनरेगा मजदूर
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पूरनपुर। मनरेगा के तहत मजदूरों को भुगतान करने के लिए तीन महीने से धनराशि नहीं आई है। इससे ४५ हजार से अधिक मनरेगा मजदूर भुगतान के लिए अफसरों के चक्कर काट रहे हैं। दिवाली पास है, ऐसे में मजदूरी न मिलने से मनरेगा मजदूरों में रोष है।
ब्लाॅक की 189 ग्राम पंचायतों में 95 हजार से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें से 70500 मजदूर मजदूरी करते हैं। मनरेगा मजदूरों को मजदूरी के बाद आठ दिन के अंदर भुगतान उनके खातों में भेजने का प्रावधान है। प्रतिदिन एक घनमीटर मिट्टी खोदने पर मजदूरों को 230 रुपये की दिहाड़ी दी जाती है।
अगस्त से अब तक 45 हजार से अधिक मजदूरों को मजदूरी का काम दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी मजदूर को भुगतान नहीं किया गया। इससे मनरेगा मजदूर अफसरों और ब्लाॅक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। खंड विकास अधिकारी अरुन कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूरों को मजदूरी भुगतान को अगस्त से धनराशि नहीं आई है। इससे मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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ब्लाॅक की 189 ग्राम पंचायतों में 95 हजार से अधिक मनरेगा मजदूर पंजीकृत हैं। इनमें से 70500 मजदूर मजदूरी करते हैं। मनरेगा मजदूरों को मजदूरी के बाद आठ दिन के अंदर भुगतान उनके खातों में भेजने का प्रावधान है। प्रतिदिन एक घनमीटर मिट्टी खोदने पर मजदूरों को 230 रुपये की दिहाड़ी दी जाती है।
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अगस्त से अब तक 45 हजार से अधिक मजदूरों को मजदूरी का काम दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी मजदूर को भुगतान नहीं किया गया। इससे मनरेगा मजदूर अफसरों और ब्लाॅक कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। खंड विकास अधिकारी अरुन कुमार सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूरों को मजदूरी भुगतान को अगस्त से धनराशि नहीं आई है। इससे मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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