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जांच में गर्भवती की पिटाई का आरोप निकला झूठा
Updated Sun, 09 Sep 2018 11:27 PM IST
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जांच में गर्भवती की पिटाई का आरोप निकला झूठा
रविवार को भी नहीं पहुंची पुलिस के पास कोई तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। नर्सों पर गर्भवती के पीटने और गर्भस्थ की मौत के आरोप के मामले में एसीएमओ डॉ. अश्वनी ने रविवार को जांच शुरू कर दी। जांच में उन्होंने रविवार को कर्मचारियों के बयान लिए। पीड़ित पक्ष को बयान के लिए बुलाया गया है।
गांव रंपुरा की एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी में भर्ती कराने और सुविधा शुल्क की मांग पूरी न होने पर नर्सों के गर्भवती के पीटने और गर्भस्थ की मौत के आरोप पर एसीएमओ ने रविवार को सीएचसी पहुंचकर जांच की। जांच में उन्होंने नर्सों आदि के बयान लिए। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप झूठा पाया गया है। हालांकि पीड़ित पक्ष को जांच को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को पीटा गया होता, तब उसकी शिकायत पुलिस से होनी चाहिए थी। पीड़ित का मेडिकल होता। यह सब कुछ भी अब तक जांच में नहीं होना पाया गया। उधर, कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि ऐसे किसी मामले की रविवार तक भी कोई न तो तहरीर आई है और न ही फोन से ही शिकायत दर्ज कराई गई है।
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रविवार को भी नहीं पहुंची पुलिस के पास कोई तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
पूरनपुर। नर्सों पर गर्भवती के पीटने और गर्भस्थ की मौत के आरोप के मामले में एसीएमओ डॉ. अश्वनी ने रविवार को जांच शुरू कर दी। जांच में उन्होंने रविवार को कर्मचारियों के बयान लिए। पीड़ित पक्ष को बयान के लिए बुलाया गया है।
गांव रंपुरा की एक गर्भवती को प्रसव पीड़ा के चलते सीएचसी में भर्ती कराने और सुविधा शुल्क की मांग पूरी न होने पर नर्सों के गर्भवती के पीटने और गर्भस्थ की मौत के आरोप पर एसीएमओ ने रविवार को सीएचसी पहुंचकर जांच की। जांच में उन्होंने नर्सों आदि के बयान लिए। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोप झूठा पाया गया है। हालांकि पीड़ित पक्ष को जांच को बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को पीटा गया होता, तब उसकी शिकायत पुलिस से होनी चाहिए थी। पीड़ित का मेडिकल होता। यह सब कुछ भी अब तक जांच में नहीं होना पाया गया। उधर, कोतवाल केशव कुमार तिवारी ने बताया कि ऐसे किसी मामले की रविवार तक भी कोई न तो तहरीर आई है और न ही फोन से ही शिकायत दर्ज कराई गई है।
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